-सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
मुजफ्फरपुर/गायघाट। दीपक कुमार। सरकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले में चार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई, जिन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार, वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार तथा मजदूर संजीव कुमार और राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाने में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले की शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम एसएफसी को जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रबंधक, Bihar State Food and Civil Supplies Corporation ने जांच कर तथ्यों के साथ बेनीबाद थानाध्यक्ष को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की।
जांच में सामने आया कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में वितरण के लिए टीपीडीएस गोदाम गायघाट से 35.50 क्विंटल चावल भेजा गया था। निर्धारित वाहन संख्या BR06GA3843 से यह खाद्यान्न सात विद्यालयों तक पहुंचाया जाना था और इसके लिए सात चालान भी जारी किए गए थे।
हालांकि जांच के दौरान पाया गया कि सात विद्यालयों में से केवल चार विद्यालयों तक ही चावल पहुंचाया गया। ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार मध्य विद्यालय शिवदाहा में 9 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय शिवदाहा अनुसूचित जाति में 1 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम में 4.5 क्विंटल तथा प्राथमिक विद्यालय बरूआरी में 0.5 क्विंटल चावल वितरित किया गया। यानी कुल 15 क्विंटल (30 बैग) चावल ही चार विद्यालयों में दिया गया।

गोदाम से कुल 35.50 क्विंटल यानी 71 बैग चावल लोड किया गया था। ऐसे में चार विद्यालयों में 15 क्विंटल वितरण के बाद वाहन पर 20.5 क्विंटल यानी 41 बैग चावल होना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान वाहन पर 50 बैग चावल पाए गए, जो निर्धारित मात्रा से 9 बैग अधिक था। इससे स्पष्ट हुआ कि निर्धारित विद्यालयों में वितरण के बजाय खाद्यान्न को कहीं और विचलित कर कालाबाजारी का प्रयास किया जा रहा था।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न के उठाव, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों तक खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए और ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित होने वाला खाद्यान्न गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन समितियों को भी खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखने, अभिलेखों को अद्यतन रखने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का निर्देश दिया है। साथ ही परिवहन प्रणाली, वितरण व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया











