-रेलवे माल गोदम के श्रमिकों के लिए सरकार ने दिया नये साल का तोहफा।
राजापाकर -संजय श्रीवास्तव। पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल अंतर्गत सराय बाजार स्थित मंगलम् विवाह भवन के परिसर में रविवार को भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान एवं राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार पासवान के नेतृत्व में एक दिवसीय श्रमिक सभा का आयोजन किया गया.सभा की अध्यक्षता सुशील
कुमार ने की.सभा में रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा एवं कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई.संघ के राष्ट्रीय महामंत्री अरूण कुमार पासवान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही चार नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत ई- श्रम व्यवस्था अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रही है, जिससे संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा.रेलवे माल गोदाम
श्रमिक संघ द्वारा इसे धरातल पर लागू कराने के लिए पूरे देश में राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया हैं.
इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के लगभग
28 वर्षों के लगातार संघर्ष के परिणामस्वरूप रेलवे माल गोदामों में 24×7 कार्य प्रणाली को लेकर नए नियम बनाए गए हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 के बाद लागू किया जाना प्रस्तावित हैं. इसी क्रम में दिनांक 9 दिसंबर 2025 को लोकसभा में ज़ीरो आवर के दौरान वरिष्ठ सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति के सदस्य जगदम्बिका पाल ने रेलवे
माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रम संहिताओं के माध्यम से सरकार ने श्रमिक कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक सुधार किए हैंl

जगदम्बिका पाल ने कहा कि रेलवे माल गोदामों के श्रमिक देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं. कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान इन श्रमिकों ने जोखिम उठाकर आवश्यक वस्तुएँ, अनाज और दवाइयाँ देश के कोने कोने तक पहुँचाईं. इसके बावजूद आज भी कई स्थानों पर श्रमिक पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा ए
चिकित्सा सुविधा, बुनियादी ढांचा एवं पारदर्शी वेतन व्यवस्था से वंचित हैं, जिसकी पुष्टि श्रम मंत्रालय की रिपोर्टों में भी होती हैं उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महाराष्ट्र के माथाडी बोर्ड एवं भारतीय खाद्य निगम के मजदूरों के लिए गठित कॉरपोरेशन की तर्ज पर रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए भी एक बोर्ड अथवा कॉरपोरेशन का गठन किया जाए.जिससे उन्हें न्यूनतम वेतन, पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा एवं सुरक्षित कार्य परिसर सुनिश्चित किया जा सके. सभा के अंत में श्रमिकों को उनके अधिकार दिलाने हेतु संपूर्ण देश के रेलवे माल गोदामों में व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई. अपने अध्यक्षीय संबोधन में सुशील कुमार ने कहा कि यह बैठक रेलवे माल गोदाम
श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक हैं. उन्होंने कहा कि अब मांगें केवल आश्वासन नहीं हैं, बल्कि अप्रैल 2026 से लागू होने जा रही हैं, जिससे श्रमिकों के जीवन में स्थायी सुधार आएगा.सुनील पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिकों की मेहनत लाई रंग.बैठक का समापन रंजीत कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी द्वारा किया गया. उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत निगरानी और
संघर्ष जारी रखेगा.
इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शिव बालक पासवान, उपाध्यक्ष सुरेश पासवान, गोदाम अध्यक्ष मुन्ना पासवान सचिव नरेश पासवान, उपसचिव रंजीत कुमार राम, संगठन मंत्री रविकांत विश्वकर्मा, सदस्य रंणदेश कुमार राय, राहूल कुमार, दशई पासवान, दशरथ
महतो, अवधेश भगत, एवं अन्य गणमान्य सदस्य की उपस्थिति रहीं.
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