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वनवासी कल्याण आश्रम का 73वां स्थापना दिवस धूमधाम से मना

-वनवासी कल्याण आश्रम का 73वां स्थापना दिवस धूमधाम से मना

पटना।दीपक।

वनवासी कल्याण आश्रम का 73वां स्थापना दिवस समारोह पटना स्थित बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाजसेवा, राष्ट्र की एकता-अखंडता तथा वनवासी समाज के उत्थान पर विस्तृत चर्चा की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि भारत एक प्राचीन और समृद्ध संस्कृति वाला देश है, लेकिन इसकी एकता और अखंडता को तोड़ने के प्रयास समय-समय पर होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी छद्म रूप में विखंडनकारी शक्तियां सक्रिय रहीं, जिनका एक प्रमुख माध्यम धर्मांतरण रहा है। इसके बावजूद देश की एकता को मजबूत बनाए रखने में कई संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने श्रद्धेय बाला साहब देशपांडे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी छोड़कर उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना की और आज उनके प्रयासों से देशभर में 233 छात्रावास एवं लगभग 20 हजार सेवा प्रकल्प संचालित हो रहे हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. मोहन सिंह ने वनवासी कल्याण आश्रम के 73 वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में आश्रम ने वनबंधुओं के बीच अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वनवासी, ग्रामवासी और नगरवासी सभी भारत माता की संतान हैं और कल्याण आश्रम ने इनके बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


ज्ञात हो कि वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना वर्ष 1952 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में रमाकांत केशव देशपांडे उर्फ बाला साहब देशपांडे द्वारा की गई थी। संयोगवश इसी दिन उनकी जयंती भी होती है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वनबंधुओं की सेवा को समर्पित कर दिया था।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण बिहार प्रांत संघचालक राजकुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया और धर्मांतरण से होने वाले खतरों के प्रति समाज को सचेत किया।
मंच पर नगरीय आयाम प्रमुख प्रदीप कुमार, छपरा विधायक मुन्नी कुमारी, कटोरिया विधायक प्रदीप कुमार टुडू, पटना महानगर की मेयर सीता साहू सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इसके अलावा कल्याण आश्रम के प्रांत निधि प्रमुख अरविंद खंडेलवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख आशुतोष कुमार, पटना महानगर अध्यक्ष रवींद्र प्रियदर्शी, सचिव डॉ. राहुल कुमार, वरिष्ठ रंगकर्मी संजय सिन्हा, फिल्म समीक्षक प्रशांत रंजन, बी.एन. पांडेय, प्रिंस राजू, मुकेश कुमार जैन (टोनी) समेत अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा और वनवासी समाज के उत्थान के संकल्प के साथ किया गया।