-पहले चरण के मतदान के बाद एनडीए में आत्मविश्वास, विपक्ष में बेचैनी
— संजय झा बोले: “बिहार ने नीतीश कुमार पर फिर जताया भरोसा”
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बाद राज्य का सियासी तापमान और भी बढ़ गया है। जहां एनडीए के नेता आत्मविश्वास से लबरेज हैं, वहीं विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ दिख रही है।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को इस बार ऐतिहासिक जनादेश मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि “इस चुनाव में एनडीए को 2010 से भी अधिक सीटें मिलेंगी और बिहार में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार बनेगी।”
संजय झा ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा,
> “6 नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान ने बिहार की राजनीति की दिशा तय कर दी है। सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें दिखीं। माताओं-बहनों ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर शांति, सुरक्षा और सुशासन के लिए वोट किया है। आंकड़े साफ बताते हैं कि जनता नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा कर रही है।”
उन्होंने कहा कि पहले चरण के फीडबैक से स्पष्ट है — एनडीए की जीत पहले से भी बड़ी होगी और बिहार की जनता ने तय कर लिया है कि अगली सरकार फिर से नीतीश कुमार की होगी।
विपक्ष पर सीधा हमला
संजय झा ने अपने बयान में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “विपक्ष करारी हार से बौखलाया हुआ है।”
उन्होंने कहा कि विरोधी अब बहानेबाजी और झूठे नैरेटिव गढ़ रहे हैं ताकि जनता को गुमराह किया जा सके, लेकिन बिहार की जनता अब पूरी तरह जागरूक है। “एनडीए जहां विकास, रोजगार और स्थिरता की राजनीति करता है, वहीं विपक्ष सिर्फ सत्ता के लिए भ्रम फैलाता है,” उन्होंने लिखा।
मतदान प्रतिशत और राजनीतिक संकेत
जदयू नेता ने बिहार के पिछले चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब मतदान प्रतिशत बढ़ा है, जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
उन्होंने कहा —

> “2000 में जब 62.57% मतदान हुआ, तब सत्तारूढ़ सरकार की वापसी हुई। 2005 में मतदान घटा, तो सत्ता बदली।
लेकिन 2010, 2015 और 2020 में हर बार मतदान बढ़ने पर नीतीश कुमार को भारी जनसमर्थन मिला।
इस बार मतदान रिकॉर्ड स्तर पर है, जो इस बात का संकेत है कि जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।”
महिलाओं और युवाओं का जबरदस्त उत्साह
संजय झा ने कहा कि इस बार का चुनाव महिलाओं और युवाओं के उत्साह से प्रभावित रहा। कई जिलों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक मतदान किया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं — पंचायतों में 50% आरक्षण, नौकरियों में 35% आरक्षण, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता — अब जनता के बीच विश्वास और सम्मान की राजनीति का प्रतीक बन चुकी हैं।
विकास और सुशासन पर भरोसा
संजय झा ने कहा कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और बुनियादी ढांचे में जबरदस्त प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” ने राज्य के विकास को नई गति दी है।
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार की ईमानदार और दूरदर्शी छवि ही बिहार की स्थिरता की गारंटी है। जनता ने यह समझ लिया है कि बिहार का भविष्य विकास की राजनीति में है, न कि विभाजन की।”
पहले चरण के मतदान के बाद एनडीए खेमे का यह आत्मविश्वास बताता है कि गठबंधन को जनता से मजबूत जनसमर्थन मिल रहा है। अब सबकी निगाहें दूसरे चरण के मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
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