-बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : पारदर्शी चुनाव के लिए व्यय निगरानी पर विशेष फोकस
– तीन व्यय प्रेक्षक तैनात, -जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने की सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था
मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनावी व्यय पर कड़ी निगरानी रखने के लिए एक सशक्त तंत्र तैयार किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक खर्च न करे और चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
व्यय कोषांग सक्रिय एवं तत्पर:
जिलाधिकारी द्वारा जिले में “व्यय कोषांग” का गठन किया गया है, जिसका नोडल पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, वाणिज्य कर श्री जाकिर हुसैन को बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए कई अधिकारी और कर्मी विधानसभा-वार खर्च रिपोर्ट का संकलन और विश्लेषण कर रहे हैं।
इस कोषांग का उद्देश्य है — प्रचार-प्रसार, वाहनों के उपयोग, पोस्टर-बैनर, जनसभा आयोजन आदि पर होने वाले खर्च की सघन निगरानी करना।
तीन व्यय प्रेक्षक करेंगे विधानसभा-वार मॉनिटरिंग:
निर्वाचन आयोग ने जिले में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के तीन अधिकारियों को व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया है, जो अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों की रोजाना समीक्षा कर आयोग को रिपोर्ट देंगे —
1️⃣ श्री अलताफ हुसैन (IRS-2008) — सकरा, कुढ़नी एवं मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र
📞 मो. 9031658283
2️⃣ श्री ललित कुमार बिसनोई (IRS-2010) — मीनापुर, कांटी, बरूराज, पारु एवं साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र
📞 मो. 9031658284
3️⃣ श्री राजीव रतन सिंह (IRS-2014) — गायघाट, औराई एवं बोचहा विधानसभा क्षेत्र
📞 मो. 9031658285
इन प्रेक्षकों की जिम्मेदारी है — उम्मीदवारों के व्यय अभिलेखों की जांच, प्रचार गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को रोकना ताकि चुनाव पूरी तरह फ्री एंड फेयर हो सके।

व्यय प्रेक्षक के अधिकार एवं कर्तव्य:
व्यय प्रेक्षक को निर्वाचन आयोग ने विशेष अधिकार दिए हैं ताकि वे स्वतंत्र रूप से जांच कर आवश्यक कार्रवाई का सुझाव दे सकें। उनके प्रमुख कर्तव्यों में शामिल हैं —
उम्मीदवारों के दैनिक खर्च विवरण की जांच व सत्यापन।
खर्च के स्रोत और उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना।
रैलियों, जनसभाओं, वाहनों व प्रचार सामग्री की वास्तविक लागत का आकलन।
किसी शिकायत या अनियमितता पर त्वरित रिपोर्ट तैयार करना।
वीडियो सर्विलांस टीम, व्यय मॉनिटरिंग टीम और फ्लाइंग स्क्वाड के साथ समन्वय करना।
पारदर्शिता के लिए टोल फ्री नंबर — 18003457001
मतदाताओं और आम नागरिकों की सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 18003457001 जारी किया है।
इस पर कोई भी नागरिक धन वितरण, शराब या उपहार के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों की शिकायत कर सकता है।
यह सेवा 24×7 निशुल्क उपलब्ध है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित कोषांग एवं व्यय प्रेक्षक को सूचना मिल जाती है। यह प्रणाली जनता को सीधे निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ती है और पारदर्शिता को मजबूत बनाती है।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश:
जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने सभी मॉनिटरिंग टीमों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्य में पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी बरतें।
उन्होंने कहा — “प्रत्येक शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा। जिले में चुनावी माहौल शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी रहना चाहिए।”
पारदर्शी चुनाव की दिशा में ठोस कदम:
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा तैयार यह व्यय निगरानी प्रणाली चुनावी पारदर्शिता का सशक्त उदाहरण बनेगी।
यह न केवल चुनावी खर्च के नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि जनता के विश्वास और भागीदारी को भी मजबूत करेगी, जिससे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का आयोजन वास्तव में “स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव” का प्रतीक बनेगा।












