-सोशल मीडिया बंद के विरोध में जनकपुरधाम में उग्र प्रदर्शन, काठमांडू में 20 की मौत
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
नेपाल सरकार द्वारा फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सऐप समेत 28 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद करने के फैसले के विरोध में जनकपुरधाम सहित पूरे नेपाल में उबाल देखा गया। जेन जेड के आह्वान पर रविवार को जनकपुरधाम के विभिन्न चौक-चौराहों पर छात्रों और युवाओं ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन धनुषा ने जनकपुरधाम के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की। कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबर है, हालांकि अब तक जनकपुरधाम में किसी बड़े हिंसक वारदात की सूचना नहीं है।

इस बीच काठमांडू में विरोध प्रदर्शन ने भयावह रूप ले लिया। सिंह दरबार (केंद्रीय सचिवालय), प्रधानमंत्री आवास और राष्ट्रपति भवन के बाहर छात्रों और युवाओं ने तोड़फोड़ की। आक्रोशित भीड़ ने सेना के वाहनों पर कब्जा भी कर लिया। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षाबलों ने भीड़ पर गोली चला दी। समाचार लिखे जाने तक 20 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री ओली ने मंत्री परिषद की आपात बैठक बुलाई और काठमांडू व पोखरा में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
सरकार की कार्रवाई की राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के प्रवक्ता रमन पांडेय और आम जनता पार्टी के अध्यक्ष प्रभु साह ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ओली का रवैया उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन जैसा है। उन्होंने सरकार से सोशल मीडिया प्रतिबंध को तत्काल वापस लेने की मांग की।














