-बोचहां से उठी सियासी दरार: एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में बेबी बनाम गीता समर्थकों की भिड़ंत
मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।
विधानसभा चुनाव की आहट के बीच एनडीए के भीतर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। सोमवार को मुजफ्फरपुर के बोचहां में आयोजित एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में बेबी कुमारी और गीता कुमारी के समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। नारेबाजी और झड़प ने माहौल को इतना गरमा दिया कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को खुद मंच से अपील करनी पड़ी।
नारेबाजी से बढ़ा विवाद:
सम्मेलन के दौरान मंच से धर्मशिला देवी ने अपने संबोधन में बेबी कुमारी को बोचहां सीट से जीत की अग्रिम बधाई दी। इस बयान के साथ ही बेबी कुमारी के समर्थक उत्साहित होकर नारे लगाने लगे। वहीं, गीता कुमारी के समर्थक इसे अपना अपमान मानकर भड़क उठे। देखते-ही-देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और सम्मेलन का माहौल बिगड़ गया। नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत भी आ गई।
विजय सिन्हा ने संभाली कमान:
स्थिति को काबू में करने के लिए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को खुद माइक थामना पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की और कहा—
“ये थोड़ा कन्फ्यूजन है। एनडीए का सक्षम नेतृत्व मिलकर बिहार में चुनाव लड़ेगा। अभी कोई प्रत्याशी तय नहीं है। एनडीए का हर कार्यकर्ता एक सैनिक है और नेतृत्व के आदेश पर काम करेगा।”

बोचहां सीट का महत्व:
बोचहां विधानसभा सीट लंबे समय से बिहार की राजनीति का केंद्र रही है। दिवंगत रमई राम यहां से एक दर्जन बार विधायक रह चुके थे और राज्य सरकार में मंत्री भी बने। उनके निधन के बाद बेटी गीता कुमारी को स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर, बेबी कुमारी भी इस सीट से पूर्व विधायक रह चुकी हैं और लगातार सक्रिय राजनीति कर रही हैं। यही कारण है कि दोनों गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा अब टकराव का रूप लेने लगी है।
आगे की सियासी चुनौती:
सम्मेलन में हुआ यह हंगामा संकेत दे रहा है कि एनडीए के भीतर बोचहां सीट को लेकर खींचतान तेज हो चुकी है। चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएगा, यहां सियासी जंग और दिलचस्प होती जाएगी। एनडीए के लिए चुनौती यह होगी कि अंदरूनी मतभेदों को सुलझाकर संगठन की एकजुटता को बनाए रखा जा सके।












