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11 वर्षों में दिखा दिया कि भारत विकास भी करता है और विनाश भी: राधामोहन सिंह

-11 वर्षों में दिखा दिया कि भारत विकास भी करता है और विनाश भी: राधामोहन सिंह

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष “संकल्प से सिद्धि तक” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को प्रोफेशनल मीट का आयोजन स्थानीय नवयुवक पुस्तकालय में हुआ। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पवन राज एवं संचालन कार्यक्रम प्रभारी डॉ० अरुण कुमार ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सह रक्षा मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 11 वर्षों में भारत ने दिखा दिया कि अब देश विकास भी करता है और दुश्मनों का विनाश भी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्षों के नेतृत्व में “सशक्त भारत सुरक्षित भारत” का सपना साकार हुआ है, जहां आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई की गई है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सामरिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर भारत ने अपनी सुरक्षा को अटूट बनाया है।
श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने भारत को वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली और सम्मानित सुरक्षा स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। भारत ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। एनसीएससी और I4 C जैसे संस्थानों की स्थापना ने देश के महत्वपूर्ण ढांचों को साइबर हमलों से सुरक्षित किया है। 2019 में भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण कर अंतरिक्ष युद्ध क्षमता में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। आकाश, ब्रह्मोस, अग्नि-वी और निर्भय जैसे मिसाइलों का सफल परीक्षण भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। राफेल विमानों के आगमन और एस-400 प्रणाली की तैनाती से भारत की वायु सुरक्षा अजेय बनी है।
उन्होंने कहा कि डीआरडीओ और एचएएल द्वारा विकसित तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमानों और भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत ने आत्मनिर्भर भारत को नई ऊंचाई दी है। आज भारत न केवल रक्षा उपकरणों का उपभोक्ता है, बल्कि निर्माता और निर्यातक भी बन रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन की बड़ी सफलता है।
बीएसएफ और आईटीबीपी को अब अत्याधुनिक बॉडी आर्मर, ड्रोन और थर्मल इमेजिंग उपकरणों से लैस किया गया है,जिससे सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुई है। साथ ही, ‘भार्गवास्त्र’ जैसे स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम से भारत भविष्य के खतरों से निपटने के लिए भी तैयार है।
यमन युद्ध हो या यूक्रेन संघर्ष, अफगानिस्तान संकट हो या प्राकृतिक आपदा केंद्र की सरकार ने हर बार तत्परता से ऑपरेशन राहत, गंगा और देवी शक्ति जैसे अभियानों के जरिए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर क्वाड के माध्यम से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूती दी है। यह मोदी सरकार की वैश्विक रणनीतिक सोच और भारत की बढ़ती भू-राजनीतिक भूमिका का प्रमाण है। श्री सिंह में कहा कि भारत ने अरिहंत क्लास न्यूक्लियर और स्कॉर्पीन क्लास कन्वेंशनल पनडुब्बियों का विकास कर समुद्री सुरक्षा में अभूतपूर्व प्रगति की है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ और प्रतिरोधक क्षमता दोनों को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि इसरो ने 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग कर भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्षों के नेतृत्व में भारत ने साबित किया कि आतंकवाद पर अब कोई समझौता नहीं होगा। ऑपरेशन सिंदूर इसका ताजा और ऐतिहासिक उदाहरण है, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर 100 से अधिक आतंकियों का सफाया कर दिया और उसके एयरबेस ध्वस्त किए।
श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़कर 23,622 करोड़ तक पहुँच गया है। साथ ही स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’, मिसाइल सिस्टम आकाश और ब्रह्मोस का इस्तेमाल कर सेना ने अपने दुश्मनों को तबाह किया है।
धारा 370 हटाने से लेकर पूर्वोत्तर में उग्रवाद नियंत्रण तक, मोदी सरकार ने सुरक्षा को विकास का मजबूत आधार बनाया है।


जब भारतीय सेना अपने पराक्रम का प्रदर्शन कर रही थी, तब कांग्रेस, सपा और इंडी गठबंधन के कई नेता सेना पर सवाल उठा रहे थे। उनके बयान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने वैश्विक मंच पर दिखाए, जो देश के अंदर से ही सेना का मनोबल तोड़ने की साजिश थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में भारत ने आंतरिक सुरक्षा में भी अभूतपूर्व सफलता पाई है। नक्सलवाद जैसी पुरानी चुनौती को सिर्फ सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और मजबूत नीति से जड़ से खत्म किया गया। “गन के साथ ग्रोथ” नीति से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बुनियादी सुविधाएं दूर-दराज तक पहुंचीं। आत्मसमर्पण नीति से हजारों नक्सली मुख्यधारा में लौटे, जो “सशक्त भारत – सुरक्षित भारत” का प्रतीक है।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस और बीआरएस जैसी पार्टियों की प्राथमिकता देश की सुरक्षा नहीं, बल्कि सत्ता की सौदेबाजी है। कांग्रेस नेता माओवादी आतंकियों को ‘शहीद’ कहकर हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम का अपमान करते हैं। जब हमारे जवान जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा कर रहे हैं, तब कांग्रेस नेता नक्सल समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेते हैं। यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि राष्ट्रद्रोह की मानसिकता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की उपलब्धियों और निर्णायक निर्णयों ने यह साफ कर दिया है कि भारत आज एक नई दिशा में, नए आत्मविश्वास और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ‘सशक्त भारत- सुरक्षित भारत’ अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि मोदी सरकार की नीति, नीयत और नेतृत्व का ठोस और जीवंत प्रमाण बन चुका है। आज यह विश्वास पूरी तरह स्थापित हो चुका है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और निर्णायक नेतृत्व के साथ देश ‘सशक्त भारत -सुरक्षित भारत’ की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
कार्यक्रम में मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रभारी सरोज रंजन पटेल, प्रदेश प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, उप महापौर डॉ० लालबाबू प्रसाद, “संकल्प से सिद्धि तक कार्यक्रम के प्रभारी “ऋतुराज पाण्डेय, कार्यक्रम संयोजक अनिल वर्मा, राजीव शंकर वर्मा अधिवक्ता, कुमार शिवशंकर, अमित सेन, डॉ० अतुल कुमार, उपाध्यक्ष मीना मिश्रा एवं सुधांशु रंजन, प्रवक्ता साजिद रजा एवं संगीता चित्रांश, मीडिया प्रभारी गुलरेज शहजाद, सह प्रभारी सुधीर गुप्ता, सोशल मीडिया संयोजक पंकज सिन्हा, आईटी सेल संयोजक ऋषभ झा, महिला मोर्चा अध्यक्ष नीता शर्मा, सुदीप कुमार, जाहिद हुसैन, शोएब अख्तर, अमित कुमार गुड्डू, दानिश खान, समीर सिन्हा, आयुष रंजन, रंजीत ठाकुर, सुभाष कुशवाहा, शमीम अंसारी, प्रभात कुमार, सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, अधिवक्ता, इंजीनियर, सीए, कलाकार, फिल्मकार एवं शिक्षाविद सहित अन्य प्रोफेशनल वर्ग के लोग उपस्थित थे।