-छात्रों ने जाना केले की खेती का विज्ञान
-केला अनुसंधान केंद्र, गोरौल में वैज्ञानिकों से सीखी जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की बारीकियाँ
वैशाली (मोहन कुमार सुधांशु)।
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘द अध्ययन एकेडमी’, राजखंड, गोरौल द्वारा पर्यावरण जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के छात्रों को गोरौल स्थित केला अनुसंधान केंद्र ले जाया गया, जहाँ उन्होंने कृषि विज्ञान, विशेषकर केले की खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
अनुसंधान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने छात्रों को केले की खेती की आधुनिक तकनीकों, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के महत्व पर व्याख्यान दिया। छात्रों ने वैज्ञानिकों से खुलकर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।

शैक्षणिक भ्रमण के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुति:
विद्यालय लौटने के बाद छात्रों ने पृथ्वी दिवस की थीम पर आधारित रंगारंग झांकी एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और दर्शकों को पृथ्वी को बचाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा दी।
विद्यालय की निदेशिका श्रीमती सरिता श्रीवास्तव ने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों को शिक्षा से जोड़ते हैं बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं।” उन्होंने छात्रों की प्रस्तुति की सराहना की और वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया।











