-सुपौल से दिल्ली जा रही बस में लगी आग, बाल बाल बचे सभी यात्री
पीपराकोठी : थाना क्षेत्र के बंगरी ओवर ब्रिज पर चलती बस में आग लग गई। हालाकि इस भीषण हादसे में सभी यात्री बच गये है जबकि करीब दो दर्जन यात्री अफरातफरी में घायल हुए है। घटना बुधवार की रात करीब सवा दस बजे के आसपास की है। उक्त शिवगुरु नामक बस संख्या बीआर50पी/6414 यात्रियों को सुपौल से लेकर दिल्ली जा रही थी। बस के स्टॉफ ने बस में सीट से बहुत ज्यादा लोग को बैठाया था। यात्रियों की माने तो सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिया गया है। यात्रियों के अनुसार बस सुपौल से खुलने के करीब 50 किलोमीटर दूरी के बाद बस में खराबी आ गई। किसी तरह बस को सुधार कर चालक आगे बढ़ा, बाद में बस में ज्यादा आवाज व स्पीड नहीं ले रही थी। उसी पर चालक किसी तरह जबरन चलाते जा रहा था। पीपराकोठी से करीब तीन किलोमीटर पहले से आग आग की दुरगंध आना आरंभ हो गया। अधिकांश यात्री सो गये थे लेकिन केबिन में बैठा एक यात्री ने गंध मिलने की बात चालक को बताई लेकिन चालक ने उसे डाट कर चुप करा दिया। बस जैसे ही बंगरी ओवर ब्रिज पर पहुंची की आग तेज हो गई और यात्री चलती बस से कूदने लगे। बाद में बस के चालक ने बस को रोक खुद फरार हो गया। सभी यात्री आनन फानन में किसी तरह बस से बाहर निकले। बस के एक्जिट द्वार को लोहे के चदरे से सील किये जाने से यात्री उस रास्ते से भी नहीं निकल पा रहे थे। ओवर ब्रिज के उपर आग की लपटे देख आसपास के ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे लेकिन ओवर ब्रिज के उपर पानी की असुविधा देख सभी मजबूर होकर तमाशबीन बने रहे। यात्रियों को सहयोग किया। लेकिन आग बुझा नहीं सकें और बस सहित यात्रियों के सभी सामान जलकर राख हो गये। सूचना पर स्थानीय थानाध्यक्ष खालिद अख्तर दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर अग्निशमन दल को सूचना दिया, पहले एक छोटी दमकल की टीम पहुंची स्थिति को देख एक एक तीन बड़े व तीन छोटी अग्निशमन वाहन पहुंच कर आग को बुझाया। आसपास के लोग इतने सक्रिय थे कि दमकल टीम पहुंचते ही सभी ग्रामीण पाइप को जल्दी बस के समीप ले जाने में सहयोग करते थे। वहीं पुलिस ने घटना में घायल लोगों को एनएच के एम्बुलेंस को मंगाकर ईलाज के लिए मोतिहारी भेजा।

आग के कारण देखते ही देखते अफरा तफरी का माहौल बन गया, राजमार्ग के दोनों लेन में वाहनों की लम्बी कतारे लग गई। बस में सवार सभी के सभी यात्री के मुंह से कुछ भी आवाज नहीं निकल रहे थे सभी के चेहरे पर भय का माहौल झलक रहा था। सभी यात्रियों को पीपराकोठी लाया गया। और घटना के करीब दो घंटे बाद आवागमन सामान्य हुआ।
भेड़ बकरी की तरह सवार थे लोग : उक्त दुर्घनाग्रस्त बस में क्षमता से कही अधिक लोगों को सवार किया गया था। सुपौल से दिल्ली के लिए प्रति यात्री तीन हजार से पांच हजार रूपये किराया लेकर बस के स्टॉफ ने बिना टिकट दिए बैठाया। और जैसे जैसे बस आगे बढ़ी अन्य स्थानों से भी बस में यात्रियों को बैठाते गये। एक सीट पर जबरदस्ती तीन चार लोगों को बैठाने के बाद बेंच पर भी यात्रियों को बैठाया गया। बस के स्टॉफ ने मानक को दरकिनार करते हुए अधिक लोगों को बैठाया। और बस में खराबी आने के बाद भी जबरदस्ती बस चलाते रहा जिसके वजह से यह हादसा हुआ है।













