-संविधान संशोधन नहीं, इसे निरस्त करना चाहिए: प्रभु शाह
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
आम जनता पार्टी (आजपा) के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रभु शाह ने संविधान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन की बात करना अपराध है, जब इसे लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
काठमांडू स्थित पार्टी कार्यालय सिंहदरबार में मीडिया से बातचीत करते हुए शाह ने कहा कि संविधान का केवल संशोधन नहीं, बल्कि इसे निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह संविधान लागू करने के प्रति उदासीन है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधिनियम, सिविल सेवा अधिनियम, शिक्षा और स्वास्थ्य अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानून, जो संविधान के तहत सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हैं, अब भी लंबित हैं। “सरकार ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए कोई कानून नहीं बनाया। इससे स्पष्ट है कि सरकार संविधान लागू करने में दिलचस्पी नहीं रखती,” उन्होंने कहा।
प्रभु शाह ने यह भी आरोप लगाया कि संविधान का मसौदा कांग्रेस और यूएमएल की गठबंधन सरकार द्वारा तैयार किया गया था, लेकिन अब वही दल और उनके नेता संविधान में संशोधन की बात कर रहे हैं, जो नैतिक दृष्टि से उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, “देश और जनता की स्थिति में सुधार लाने के लिए इस खिचड़ी व्यवस्था को समाप्त करना ही एकमात्र विकल्प है। आम जनता दलाली पार्टी तंत्र और लूटतंत्र से निराश हो चुकी है।”
आजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वर्तमान राजनीतिक ढांचे में बदलाव के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है।
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