भाकपा-माले करेगी पूसा मनरेगा पीओ के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद
-प्रखंड के सभी पंचायतों में तिथिवार फूंकेगी पीओ का पुतला*
*#मनरेगा में लूट-खसोट, फर्जी निकासी के संरक्षणकर्ता मनरेगा पीओ :- अमित कुमार
*#देवपार, मोरसंड समेत पूरे प्रखंड के पंचायतों में हाजिरी के दिन फोटो अपलोड किया जाता है किसी और का, हाजिरी बनता है उसका जो कभी मनरेगा में काम नहीं किया :- माले
*#देवपार पंचायत के अंतर्गत केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समेत पूरे पंचायत में मनरेगा से करोड़ों की योजनाएं की गई, लेकिन सही मजदूरों को आज तक नहीं मिला मनरेगा में काम
पूसा।संवाददाता।
भाकपा-माले के प्रखंड सचिव अमित कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के कुबौलीराम एवं धोबगामा पंचायत में मनरेगा मजदूरों के साथ बैठक की गई। बैठक में उन्होंने मनरेगा मजदूरों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना तथा समस्या के समाधान करने की दिशा में उचित कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
मनरेगा मजदूरों ने बताया कि मनरेगा जाॅब कार्ड सबके पास है लेकिन आज तक उन्हें काम नहीं मिला है, वे सिर्फ नाम के मनरेगा जाॅब कार्डधारी हैं एवं काम नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं।
भाकपा-माले के प्रखंड सचिव अमित कुमार ने संबोधित करते हुए कहा है कि देवपार, मोरसंड समेत पूरे प्रखंड के पंचायतों में फर्जी निकासी का बोलबाला है। देवपार पंचायत के अंतर्गत केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समेत पूरे पंचायत में मनरेगा से करोड़ों की योजनाएं की गई, लेकिन एक भी सही मजदूरों को काम नहीं दिया गया। हाजिरी के दिन फोटो अपलोड किया जाता है किसी और का, हाजिरी बनता है उसका जो कभी मनरेगा में काम ही नहीं किया। प्रखंड में मनरेगा की योजनाओं की पूर्ण राशि की निकासी से पूर्व योजना बोर्ड नहीं लगाया जाता।

उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा में लूट-खसोट,भ्रष्टाचार व फर्जी निकासी के असली संरक्षणकर्ता मनरेगा पीओ हैं। उन्होंने पूसा में मनरेगा में लूट मचाने की खुली छूट दे रखी है। भाकपा-माले पूसा मनरेगा पीओ के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद करेगी और प्रखंड के सभी पंचायतों में तिथिवार पीओ का पुतला फूंका जाएगा। इसके अलावा उन्होंने हाजिरी के दिन फर्जी फोटो व फर्जी हाजिरी को देकर डीडीसी, डीएम समेत मनरेगा लोकपाल को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई व मुकदमा दर्ज करने की मांग करेगी। बैठक में खेग्रामस प्रखंड सचिव सुरेश कुमार, गीता देवी, मंजू देवी, रूपवती देवी, संगीता देवी, मुनचुन कुमारी, आरती देवी आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं।












