-डाक्टर रामदेव चौधरी ने रोगी के भोजन नली में रूई फंसा होने का पता लगाया।
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
कुछ दिन पहले नेपाल के एक रोगी पटना के बरिष्ठ सर्जन से गोल ब्लाडर का आपरेशन करवाया। आपरेशन के बाद डा.ने रोगी को सामान्य बता कर डिस्चार्ज कर दिया।दो सप्ताह रोगी ठीक रहा। लेकिन उसके बाद रोगी को कभी कभी उल्टी,अपच की समस्या उत्पन्न हो गई। पटना जाने के बजाय जनकपुरधाम के डा.सेदिखाया। लेकिन ठीक नहीं हुआ।फिर रोगी उसी डाक्टर से मिले जिन्होंने आपरेशन किया था।लेकिन वे रोगी को भरोसा दिलाया कि कुछ दिन के बाद ठीक हो जाएगा।वे नेपाल अपने घर आ गए। लेकिन समस्या बढता ही गया। किसी ने राय दी कि आप डा.रामदेव चौधरी गैस्ट्रोलाजी से मिलकर परामर्श लीजिए। रोगी ने डाक्टर साहब से मिले।उनका हिस्ट्री जानने के बाद ही समझ गया कि रोगी कोभोजन नली में कुछ फंसा हैं।

रोगी का इंडोस्कोपी कराया गया तो मामला सामने आया। भोजन नली में रुई फंसा था।आराम के लिए कुछ दवा दिए तथा पटना में उसी डाक्टर के पास भेज दिया जो आपरेशन किया था। डाक्टर ने जव रिपोर्ट देखा तो वे अचंभित हो गये तथा रोगी केपरिजन को कहा कि नेपाल में ऐसे डाक्टर मौजूद हैं।वे व्यक्तिगत तौर पर डाक्टर रामदेव चौधरी को धन्यवाद दिए। उन्होंने रोगी को विना किसी पैसे के पुन: आपरेशन किए।दवा से लेकर रहने खाने की सारी व्यवस्था डाक्टर ने की।आज रोगी चंगा है तथा पहले की भांति सामान्य दिनचर्या में लगे हैं। रोगी तथा उनके परिवार बाले डाक्टर रामदेव चौधरी को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं।जव मैंने डाक्टर साहब से रोगी तथा डाक्टर के नाम बताने को कहा तो वे इस शर्त पर नाम बताएं कि इसका उल्लेख आप समाचार में नहीं करें। डाक्टर भी मनुष्य है। कभी कभी गलतियां हो जाता हैं। इसमें डाक्टर की गलती नहीं होती है आपरेशन थियेटर में डाक्टर के सहायक की लापरवाही से ऐसा होता है फिर भी डाक्टर को इस पर ध्यान रखना ही होगा।














