-स्थापना के समय से हीं चापाकल के लिए तरस रहा बन्दरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,पेयजल के लिए लोग परेशान
मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।
आपको जानकर हैरानी होगी। इसे विभागीय लापरवाही कहें या उपेक्षा। प्रखंड मुख्यालय परिसर के पूर्वी हिस्से में स्थित बन्दरा सीएचसी में स्थापना के बाद से हीं जलापूर्ति का संकट है। बावजूद प्रखंड के न हीं विभागीय अधिकारी इसके प्रति गंभीर हैं और न हीं जनप्रतिनिधि। लिहाजा इलाज कराने पहुंचने वाले मरीज के स्वजनों के अलावे यहां आने वाले अन्य जरूरतमंदों को भी पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।प्रखंड एवं आसपास के नजदीकी क्षेत्रों के विभिन्न हिस्सों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों एवं उसके स्वजनों को परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र में कई लोगों ने बताया कि उन लोगों को कई बार पानी की बोतल खरीद कर पीनी पड़ती है। वहीं कुछ लोगों की शिकायत है कि स्वास्थ्य केंद्र के सबसे ऊपरी मंजिल पर जो पानी टंकी लगी हुई है। उसकी नियमित साफ सफाई भी नहीं हो पाती है। आरओ मशीन से कई बार जलापूर्ति बाधित रहने की शिकायत मिलते रहती है। लिहाजा ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र के बाहरी हिस्से में चापाकल की अनिवार्य जरूरत है, ताकि लोगों को पेयजल के लिए यत्र-तत्र नहीं भटकना पड़े। कई महिला स्वास्थ्य कर्मियों के स्वजनों ने बताया कि वे लोग अपने घर से पानी की बोतल लाकर पीते हैं। कई बार स्वास्थ्य केंद्र में लगे आरओ के फिल्टर खराब रहने की वजह से भी परेशानी रहती है।

वहीं इस संदर्भ में सीएससी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद अहमद ने बुधवार को बताया कि जरूरत के अनुसार टंकी की साफ सफाई कराई जा रही है। तीन से चार महीने पहले भी टंकी की साफ सफाई कराई गई थी। आरओ नियमित रूप से चल रहे हैं,लेकिन जरूरतमंदों के लिए प्रखंड के बाहरी परिसर में चापाकल की निहायत जरूरी है। सीएचसी स्थापना के समय से ही यहां जलापूर्ति की परेशानी उत्पन्न रही है।कभी चापाकल लगा हीं नहीं है। लोग परेशान रहते हैं। चापाकल गड़वाने को लेकर पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखा गया है, लेकिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया ।अब तक चापाकल नहीं गड़ाए गए हैं। जिसके कारण से केंद्र आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।चापाकल के अभाव में आमजनों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी कई तरह की परेशानी हो रही है।














