चंपारण की खबर::
-आक्रोशित किसानों को एसडीएम ने दिया भरोसा, अब रेलव परियोजना के अधिगृहित भूमि का बनेगा एलपीसी
– एलपीसी और दाखिल खारिज नहीं होने से उतरी मधुबनी पंचायत के नाराज किसानों से हुई वार्ता
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
जिले के संग्रामपुर प्रखण्ड स्थित उत्तरी मधुबनी पंचायत होकर गुजर रही हाजीपुर-सुगौली रेल पथ में की गई भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे के लिए फंसी कागजी पेंच के चलते नाराज हो धरना प्रदर्शन और अनशन आन्दोलन एसडीएम से सकारात्मक वार्ता के बाद खत्म हो गया। अरेराज अनुमंडल के एसडीएम ने किसानों को भरोसा दिया कि रेलवे की अधिग्रहण की गई भूमि का बगैर परेशानी के एलपीसी बनेगा। बता दें कि रेलवे के द्वारा भूमि अधिग्रहण करने के बाद मुआवजे को लेकर दाखिल खारिज और एलपीसी के लिए
पिछले दो सालों से उक्त पंचायत के किसान परेशान थे। जिसके बाद थक हार कर किसानों ने बीते सोमवार को अंचल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन व अनशन आन्दोलन शुरू कर दिया। जिसके बाद अरेराज एसडीएम ने आज किसानों से अंचल कार्यालय में वार्ता करके धरना प्रदर्शन व अनशन समाप्त करवाया। इसी कड़ी में बुधवार को एसडीएम के नेतृत्व में सीओ सुरेश पासवान, राजस्व अधिकारी दीपा कुमारी व राजस्व कर्मचारी रणजीत पंडित मधुबनी गांव के बड़ा मठ परिसर पहुच कर स्थानीय मुखिया सह मुखिया संघ अध्यक्ष रवि कुमार, किसान सह पैक्स अध्यक्ष बृज किशोर सिंह, जंग बहादुर सिंह, पूर्व पैक्स अध्यक्ष लाल बाबू सिंह, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, दशई महतो, अनिरुद्ध सिंह, प्रमोद सिंह, राजू कुमार सिंह के साथ अरेराज एसडीएम संजीव कुमार ने वार्ता करके इन किसानों के समस्याओं का हल ढूंढ निकाला।

निर्णय हुआ कि जितने किसानों की जमीन रेलवे पथ के लिए अधिग्रहण किया गया हैं। उनके द्वारा स्थानीय मुखिया व सरपंच के द्वारा वंशावली के साथ बंटवारा का कागज बनवा कर हिस्सेदारों के साथ अंचल कार्यालय में जाकर अंचल द्वारा निर्धारित कागजों पर वीडियोग्राफी के साथ कागज सुपुर्द करना होगा। जिसकी जांच सीओ द्वारा करवा कर जिन जिन किसानों की भूमि को रेल पथ के लिए अधिग्रहण किया गया है। उनके नाम से भूस्वामी प्रमाण-पत्र निर्गत होगा। ताकि किसानों को अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा मिल सके। वार्ता के दौरान यह भी तय हुआ कि जितनी भूमि रेलवे पथ के लिए ली गयी है, तत्काल उतना ही जमीन का भूस्वामी प्रमाण-पत्र अंचल प्रसाशन निर्गत करेगा। इस दौरान किसानों ने गांव पहुचे सभी पदाधिकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। किसानों के द्वारा किए गए आवभगत को देख कर पदाधिकारी तो गदगद हुए ही किसानों में भी खुशी की लहर दौड़ गयी। इसके लिए किसानों ने मुखिया व पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया।











