Advertisement

मेरी मां का कातिल कौन ? बेटा 4 सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा,…और पटना पुलिस तो ‘हत्यारे’ की पहचान करने में ही अब तक है विफल

-मेरी मां का कातिल कौन ? बेटा 4 सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा,…और पटना पुलिस तो ‘हत्यारे’ की पहचान करने में ही अब तक है विफल

सम्वाददाता।पटना।\

एक बेटा अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाना चाहता है. लेकिन सजा दिलाये तो किसे, चार साल बाद भी पटना पुलिस कातिलों की पहचान करने में विफल रही है. बेटा अपनी मां के कातिलों की पहचान करने को लेकर थाना से लेकर पुलिस मुख्यालय तक दौड़ लगा रहा. लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. पटना पुलिस को सीसीटीवी का वीडियो भी मिला, जिसमें टोपी पहने एक युवक चाकू लेकर भाग रहा. इसके बाद भी पटना की रूपसपुर थाने की पुलिस कातिल की पहचान नहीं कर सकी. इतना ही नहीं रूपसपुर थाने की पुलिस ने 28 जुलाई 2022 को कोर्ट में केस डायरी समर्पित किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि घटना सत्य है. साथ ही केस को सूत्रहीन करार दिया. पुलिस से न्याय की आस खत्म होते देख बेटे ने दानापुर कोर्ट में आवेदन देकर केस को रिओपन करवाने की गुहार लगाई। कोर्ट ने 6 फरवरी 2023 को केस को फिर से जांचने का आदेश दिया है.हालांकि अब भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ी है।

बता दें कि 4 जनवरी 2019 को दानापुर के आरपीएस अभियंत्रण कॉलेज के चतुर्थवर्गीय कर्मी रजनी देवी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. रूपसपुर थानाक्षेत्र के आरपीएस मोड़ के समीप रजनी देवी की नृशंस हत्या की गई थी. इस संबंध में रूपसपुर थाने में मृतका के पति ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कांड सं- 4/2019 दर्ज कराया था. तब इस केस के जांच का जिम्मा दारोगा रविकांत को दिया गया था. इस संबंध में एक वीडियो फुटेज भी पुलिस को मिला था. जिसमें एक शख्स चाकू लेकर दौड़ रहा था. 4 साल बीतने के बाद भी पुलिस अब तक कातिलों तक नहीं पहुंची है. कारवाई न होता देख बेटा सन्नी कुमार सीएम नीतीश के जनता दरबार से लेकर पुलिस के अफसर तक पहुंचा. पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब पुलिस ने कोर्ट में डायरी समर्पित कर दिया जिसमें घटना को सत्य करार देते हुए आरोपियों की पहचना न होने की बात कही तब जाकर परिवार और परेशान हो गया. इसके बाद बेटे ने दानापुर न्यायालय में केस के रिओपन कराने का आवेदन दिया।

मृतका रजनी देवी के बेटे का कहना है कि दानापुर कोर्ट ने 6 फरवरी 2023 को केस के रिओपन करने का आदेश दिया. आदेश के बाद हम 16 मार्च को एसएसपी को आवेदन दिये. इसके बाद दानापुर एएसपी से मिले. एएसपी ने रूपसपुर थानेदार को फोन किया. इसके बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. न्याय के लिए दर-दर भटक रहा युवक को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर कातिलों को कैसे सजा दिलाई जाय. बेटे का कहना है कि पुलिस को हमने क्लू भी दिया, इसके बाद भी रूपसपुर थाने की पुलिस के हाथ अपराधियों तक नहीं पहुंच पाया है।