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166 करोड़ की कतरास जलापूर्ति योजना की धीमी रफ्तार से केंद्रीय टीम नाराज

-166 करोड़ की कतरास जलापूर्ति योजना की धीमी रफ्तार से केंद्रीय टीम नाराज

कतरास ।संवाददाता।

पिछले चार साल से चल रही कतरास जलापूर्ति योजना की समीक्षा करने केंद्रीय टीम धनबाद पहुंची। दो सदस्यीय टीम ने काम की प्रगति पर असंतोष जताते हुए एजेंसी को फटकार लगाई।
जिस योजना को पूरा करने का लक्ष्य 2021 में निर्धारित किया गया था, उसका 35 प्रतिशत काम ही अभी तक पूरा हो पाया है।
इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (इरमा) की ओर से नियुक्त कंपनी बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अजीत कुमार और ऋषभ तिवारी ने योजना की जांच की। कतरास क्षेत्र में बन रही जलमीनारों का भी निरीक्षण किया। वार्ड नंबर 1-13 तक इस योजना के तहत लोगों को पानी दिया जाना है। चेन्नई की एजेंसी श्रीराम पीई द्वारा इस योजना का काम किया जा रहा है, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि अगले दो साल तक इसके पूरे होने की संभावना नहीं के बराबर है।

193 किलोमीटर ही बिछी है पाइपलाइन:

योजना की समीक्षा में केंद्रीय टीम ने पाया कि अभी तक 193 किलोमीटर ही पाइपलाइन बिछाई गई है। इतना ही नहीं इस योजना के तहत बननेवाली आठ जलमीनारों में से सात का काम अभी चल रहा है, जिसमें गोधर में तीन, लिलोरी स्थान में एक, तेतुलमारी में एक, गड़ेरिया में एक, छाताबाद जिला परिषद में एक जलमीनार का काम चल रहा है। वहीं छाताबाद में जामिया मस्जिद में जलमीनार का डिजाइन अभी तक स्वीकृत नहीं हो पाया है।

55 हजार घरों में करना है वाटर कनेक्शन:

इस योजना के तहत 55 हजार घरों में वाटर कनेक्शन करना है, लेकिन अभी तक एक भी घर में पानी नहीं पहुंचा है। कतरास, तिलाटांड़, आकाशकिनारी, पंचगढ़ी, छाताबाद, भेलाटांड़, सिजुआ, तेतुलमारी, करकेंद बाजार, बड़ी पुटकी, छोटा पुटकी, करकेंद, लोयाबाद एकड़ा, केंदुआडीह, केंदुआ बाजार, बसेरिया, गोधर समेत अन्य इलाके में पानी देने की योजना थी।