मोतिहारी। राजन द्विवेदी।
-डीएम ने कहा कि शारिरिक मानसिक विकास को अवरुद्ध करता है कृमि, बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की गोली का सेवन जरूरी है
– पूर्वी चंपारण जिले में 30 लाख 30 हजार 409 बच्चों को खिलाई जाएगी
कृमि संक्रमण के कारण बच्चों का शारिरिक, मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसके कारण शरीर मे खून की कमी हो जाती है, थकावट हो जाता है। वही भोजन करने के बाद भी पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते हैं- इससे बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की दवा जरूर खानी चाहिए। ये बातें राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर केंद्रीय विधायलय में बच्चों को कृमि की दवा खिलाते हुए जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने कहीं। उन्होंने बताया कि साल में दो बार सभी को कृमि की दवा खानी चाहिए, इसके उपयोग से शरीर कृमि के प्रभाव से सुरक्षित व सेहतमंद रहता है।

सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि बच्चों और बड़े दोनों में हुकवर्म, टैप वर्म व अन्य प्रकार के कृमि हो सकते हैं। इनसे बचाव के लिए कृमि की दवा खानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिले में आईसीडीएस, शिक्षा विभाग ,स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 01 से 19 साल तक के बच्चों को स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में 30 लाख 30हजार 409 बच्चे को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा व डीसीएम नन्दन झा ने बताया कि आज कृमि मुक्ति दिवस पर 7 नवंबर को एवं 11 नवंबर को मॉप अप राउंड आयोजित कर बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
इसके लिए लिए पहले से ही सारी तैयारियां कर ली गई है।उन्होंने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों को कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए।
मौके पर आईसीडीएस डीपीओ,डीसी, केयर डिटीएल,डीपीओ,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विद्यलयों के प्रधानाध्यपक, सिफार के डीसी, यूनिसेफ के डीसी, व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थें।












