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20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटेंगे नीतीश कुमार, राज्यसभा नामांकन कल; बिहार में सियासी समीकरण बदलने के संकेत

-20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटेंगे नीतीश कुमार, राज्यसभा नामांकन कल; बिहार में सियासी समीकरण बदलने के संकेत

पटना/बिहार।दीपक कुमार तिवारी।

नीतीश कुमार एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। करीब 20 साल बाद वे केंद्र की राजनीति में वापसी करेंगे। जानकारी के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा सदस्य बनने का फैसला कर लिया है। बताया जा रहा है कि वे गुरुवार सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे और इसके लिए सहमति देते हुए अपने कागजातों पर हस्ताक्षर भी कर चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमित शाह के भी पटना पहुंचने की सूचना है। माना जा रहा है कि वे नीतीश कुमार के नामांकन के दौरान मौजूद रहेंगे। दरअसल, राज्यसभा चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन होने के कारण सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बिहार की पांच सीटों पर चुनाव होना है।
भारतीय जनता पार्टी ने तीन उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए थे, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से सस्पेंस बना हुआ था। अब तस्वीर साफ हो गई है कि जेडीयू की तरफ से नीतीश कुमार के साथ रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा का पर्चा भरेंगे।


पिछले 24 घंटों में बिहार की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखी गई। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा अचानक दिल्ली से पटना पहुंचे। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के साथ लंबी बैठक की। इसके बाद से ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि पार्टी या गठबंधन के नेताओं ने खुलकर बयान देने से परहेज किया।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने सभी जेडीयू विधायकों को पटना बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। वहीं उनके बेटे निशांत कुमार की भी सक्रिय राजनीति में एंट्री की तैयारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें विधान परिषद भेजा जा सकता है और डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति संभालते हैं और निशांत कुमार राज्य की भूमिका में आते हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। क्या जेडीयू का चेहरा आगे आएगा या फिर बीजेपी से सीएम बनेगा? सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी का पलड़ा भारी दिख रहा है।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के इस फैसले से बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और आने वाले दिनों में सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।