-11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल, बिहार में करीब 50 हजार करोड़ के कारोबार पर असर की आशंका
पटना। बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच पिछले दो दिनों से चल रही वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल होने के बाद बैंक यूनियनों ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रहने की आशंका है। बिहार में इस बंदी से करीब 50 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है।
इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के मुताबिक, देशभर के करीब आठ लाख बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। बैंक यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया है। इसके तहत 28 से 30 सितंबर तक दोबारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलने पर अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, बैंक अधिकारियों के लिए पीएलआई की समान व्यवस्था, आईडीबीआई बैंक के विदेशीकरण पर तत्काल रोक और लंबे समय से लंबित पेंशन अपडेशन शामिल हैं।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में काउंटर सेवाएं प्रभावित रहेंगी। नकदी जमा और निकासी, ड्राफ्ट, चेक क्लियरेंस समेत शाखा से जुड़े कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। बिहार की करीब 7,760 बैंक शाखाओं के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है। ग्राहक ऑनलाइन लेनदेन कर सकेंगे। दूसरी ओर, शाखाओं से एटीएम में नकदी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शनिवार और रविवार तक कुछ क्षेत्रों में एटीएम में कैश की कमी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखाओं की सेवाएं प्रभावित रहने से आम ग्राहकों के साथ कारोबारियों और वित्तीय संस्थानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जिन ग्राहकों को शाखा जाकर नकदी निकासी, चेक जमा, ड्राफ्ट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य करने हैं, उन्हें हड़ताल से पहले ही अपना काम निपटाने की सलाह दी जा रही है।












