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सीयूएसबी में पीरामल फाउंडेशन द्वारा गांधी फेलोशिप प्लेसमेंट ड्राइव

-सीयूएसबी में पीरामल फाउंडेशन द्वारा गांधी फेलोशिप प्लेसमेंट ड्राइव

गया।धीरज।

प्रतिष्ठित पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार सीयूएसबी के अंतिम वर्ष के स्नातकोत्तर पीजी छात्रों के प्लेसमेंट के लिए गांधी फेलोशिप के संबंध में एक प्री-प्लेसमेंट टॉक का आयोजन किया है। जन संपर्क पदाधिकारी पीआरओ-सह-प्लेसमेंट सेल के समन्वयक ने कहा कि पीरामल फाउंडेशन के नासिर हसन प्रोग्राम लीडर एवं शिवम खरे ने प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लेने वाले छात्रों को फ़ेलोशिप संबंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में मोतिउर रहमान वरिष्ठ तकनीकी सहायक और सिस्टम एनालिस्ट श्री अशोक कुमार सिंह के सहयोग से विश्वविद्यालय के चाणक्य भवन के कंप्यूटर लैब में प्लेसमेंट कार्यशाला आयोजित की गई । सत्र 2024-26 के लिए गांधी फेलोशिप की आवेदन प्रक्रिया से संबंधित कार्यशाला के लिए सीयूएसबी के लगभग 100 छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया था और अपनी पढ़ाई पूरी कर उज्ज्वल भविष्य का सपना लेकर विद्यार्थियों ने प्री-प्लेसमेंट टॉक में उत्साहपूर्वक भाग लिया है।


पीआरओ के स्वागत भाषण के बाद कार्यशाला में पीरामल फाउंडेशन के नासिर हसन ने गांधी फेलोशिप के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।श्री हसन ने चाणक्य भवन के कंप्यूटर लैब में उपस्थित छात्र-छात्राओं को फेलोशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से समझाया है ।|उन्होंने कहा कि गांधी फेलोशिप दो साल का फेलोशिप कार्यक्रम है जिसके तहत पूरे भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों से सामाजिक मुद्दों में रुचि रखने वाले मेधावी छात्रों का चयन किया जाता है। गांधी फेलोशिप इस बात में विश्वास रखती है कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं का अहम योगदान होता है, इसलिए उनके संगठन का लक्ष्य फ़ेलोशिप करने वाले छात्रों में नेतृत्व की भावना पैदा करना है, जो समाज और देश में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं । इसके साथ ही यह फेलोशिप प्राप्त करने वाले छात्र सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए अन्य पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार कर उचित कदम उठाते हैं। वे लोगों से मिलते हैं और उन्हें हर संभव मदद प्रदान करते हैं, जिसमें उन्हें अपना लघु-स्तरीय व्यवसाय शुरू करने में मदद करना आदि शामिल है। गांधी फेलोशिप प्राप्त करने वाले छात्रों को दो साल के लिए 24,500 रुपये का मासिक अनुदान दिया जाता है।इस कार्यशाला के अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों ने उनसे कई प्रश्न पूछे, जिनका श्री हसन एवं श्री खरे ने संतोषजनक उत्तर दिया है। गौरतलब है कि हर साल सीयूएसबी से कई छात्रों को गांधी फेलोशिप के लिए प्लेसमेंट मिलता है, जिन्हें फेलोशिप पूरा होने के बाद प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार के अवसर मिलते हैं और कई पूर्व छात्र पीरामल फाउंडेशन में ही काम कर रहे हैं।