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सरकारी चापाकल बने शोपीस, नहीं मिल रहा शुद्ध पानी

-सरकारी चापाकल बने शोपीस, नहीं मिल रहा शुद्ध पानी

 

मुजफ्फरपुर/बंदरा (दीपक)। भीषण गर्मी और तेज धूप से लोग बेहाल हैं। मानसून की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्र के कई सरकारी चापाकलों से शुद्ध पेयजल मिलना मुश्किल है। गर्मी के मौसम में चापाकलों की मरम्मत के लिए टीम गठित कर जिम्मेदारी तय की गई थी, इसके बावजूद कई चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं।
प्रखंड की मुन्नी बैंगरी पंचायत के सकरी मन गांव निवासी कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि उनके यहां सरकारी चापाकल का पाइप करीब डेढ़ से दो वर्ष पहले पूर्व जेई के कार्यकाल में फूटा हुआ बताकर निकाल लिया गया था। इसके बाद से लगातार आश्वासन मिलता रहा, लेकिन आज तक नया पाइप नहीं लगाया जा सका है।


ग्रामीणों का कहना है कि नए जेई से भी कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। चापाकल से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी निकलता है, जिससे वह न तो पीने योग्य है और न ही नहाने के लिए उपयोगी।
लोगों ने बताया कि गांव में इस चापाकल सहित चार से पांच सरकारी चापाकल लगाए गए थे, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण अधिकांश चापाकल खराब हो गए या गायब हो गए। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए नलजल योजना के आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।यदि बिजलीं संकट उतपन्न हो जाय तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।