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सफलता की कहानी: आधुनिक कृषि तकनीक से बढ़ी फसल उत्पादन और आय

-सफलता की कहानी: आधुनिक कृषि तकनीक से बढ़ी फसल उत्पादन और आय

मुजफ्फरपुर(बिहार): गायघाट प्रखंड के बेरुआ ग्राम पंचायत के प्रगतिशील किसान दिव्यांशु कुमार ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। परंपरागत खेती से शुरुआत करने वाले दिव्यांशु ने किसान सलाहकार सुनील कुमार की सहायता से उन्नत कृषि यंत्रों और तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उनकी फसल उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।

तकनीकी कृषि से सफलता की उड़ान:

दिव्यांशु नंद गोपाल कृषक हित समूह के सदस्य हैं और उन्हें आत्मा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। उन्होंने नैनो उर्वरक, ड्रोन स्प्रे तकनीक और भूमि समतलीकरण यंत्र का उपयोग कर खेती को अधिक प्रभावी बनाया।

₹15 लाख के कृषि यंत्रों की खरीद, जिसमें ₹8 लाख की अनुदान राशि सरकार से प्राप्त हुई।

ड्रोन स्प्रे तकनीक से कीटनाशक व उर्वरकों का छिड़काव, जिससे लागत में कमी आई और समय की बचत हुई।

नैनो यूरिया व डीएपी के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ी और जल उपयोग दक्षता में सुधार हुआ।

पशुपालन, मशरूम उत्पादन और विविध फसलों को अपनाकर आय के नए स्रोत विकसित किए।

आर्थिक लाभ और प्रेरणा:

इन तकनीकों के कारण दिव्यांशु की आय हर सीजन में 1-1.5 लाख तक बढ़ी और पिछले दो वर्षों में उन्होंने लगभग 4-5 लाख का मुनाफा कमाया। उनकी सफलता ने गांव के अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

दिव्यांशु अपनी इस सफलता का श्रेय किसान सलाहकार सुनील कुमार को देते हैं, जिन्होंने उन्हें सही मार्गदर्शन दिया। यह कहानी उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो खेती में नवाचार लाकर अपनी उत्पादन क्षमता और आय बढ़ाना चाहते हैं।

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