-सदर अस्पताल परिसर में पल्स पोलियो कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
-16 से 20 दिसंबर तक चलेगा अभियान
-अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी ने नवजात को पिलाई पोलियो की दो बूंद, जिले में 7.92 लाख से अधिक बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य
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मुजफ्फरपुर।दीपक।
जिले में शून्य पोलियो के लक्ष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में आज दिनांक 16 दिसंबर 2025 को सदर अस्पताल परिसर में पल्स पोलियो कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी श्री तुषार कुमार ने नवजात शिशु को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि पल्स पोलियो कार्यक्रम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ समाज की नींव है, जिसमें आमजनों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल परिसर में कुल लगभग 37 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। यह अभियान दिनांक 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक जिले के सभी प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम की प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सभी प्रखंडों में टीकाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण पूर्व में ही प्रदान किया जा चुका है, ताकि फील्ड स्तर पर किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर अभियान की रणनीति, माइक्रोप्लान एवं जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया गया है। वहीं जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक कर समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
इस वर्ष पल्स पोलियो अभियान के लिए जिले में व्यापक मानव संसाधन की तैनाती की गई है। कुल 1,798 घर-घर टीमों का गठन किया गया है, जो लक्षित परिवारों तक पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। इसके साथ ही 268 ट्रांजिट टीम, 60 मोबाइल टीम तथा 612 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, ईंट-भट्ठा, निर्माण स्थल एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर छूटे हुए बच्चों को भी दवा पिलाई जा सके।
इस अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 8,57,684 घरों में पहुंचकर 7,92,506 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इसके लिए माइक्रोप्लान के आधार पर प्रत्येक वार्ड, पंचायत एवं टोले को कवर करने की व्यवस्था की गई है।

जन-जागरूकता को अभियान की सफलता की कुंजी मानते हुए सभी प्रखंडों में व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां संचालित की गई हैं। पल्स पोलियो रैली, बैनर, पोस्टर, दीवार लेखन, माइकिंग तथा माता बैठकों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक किया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा अभिभावकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि पोलियो की दो बूंद हर बार जरूरी है, भले ही बच्चा पहले कई बार दवा पी चुका हो।
उद्घाटन समारोह में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. सी. के. दास ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अवश्य पोलियो की खुराक पिलाएं और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें।
कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. संजीव कुमार पांडे, एमसी यूनिसेफ श्री शशिकांत सिंह, एसएमओ डब्ल्यूएचओ डॉ. आनंद गौतम, पीओ यूएनडीपी श्री संतोष पांडे, बीसीसीएम श्री अजय कुमार, आरआई सेल से श्री मनीष कुमार, सुश्री लवली कुमारी, सुश्री पूनम देवी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी, पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पल्स पोलियो अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अभियान अवधि के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें, ताकि जिला पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रख सके।












