-शिक्षा सुधार में उत्कृष्ट नेतृत्व: मेधा दिवस पर मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन को मिला राज्यस्तरीय सम्मान
मुजफ्फरपुर(बिहार)।दीपक कुमार तिवारी।
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मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत विद्यालयों में कुशल प्रबंधन, आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों के लिए मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन को राज्यस्तरीय मंच पर सम्मानित किया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा के बेहतर, पारदर्शी और कराचार-मुक्त संचालन के लिए उन्हें ज्ञान भवन, पटना में आयोजित विशेष समारोह में सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में उपस्थित माननीय शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं लैपटॉप देकर सम्मानित किया। इस सम्मान को ग्रहण करते हुए श्री सेन ने इसे पूरे शिक्षा विभाग की टीम को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक मेहनत और सतत सुधार की भावना का परिणाम है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों तथा सभी विद्यालय कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी श्री सेन के नेतृत्व में जिले के विद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, कक्षाओं में तकनीक के उपयोग, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षकों की जवाबदेही तय करने और शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इनके परिणामस्वरूप जिले में शैक्षणिक माहौल बेहतर हुआ है तथा बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।

गौरतलब है कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को ‘मेधा दिवस’ का आयोजन किया जाता है। इसी पावन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष पूरे राज्य से 10 जिलों के जिला पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस सम्मान के लिए चयनित किया गया, जिनमें मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी का नाम भी शामिल है।
राज्यस्तरीय इस सम्मान ने न केवल मुजफ्फरपुर जिले की उपलब्धियों को नये आयाम दिये हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा परिणाममुखी बनाने के लिए जिले की प्रशासनिक टीम को प्रोत्साहित भी किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को जिले के लिए प्रेरक क्षण बताया है।













