-राष्ट्रीय धान दिवस जनकपुरधाम में धूमधाम से मनाया गया, कृषि समस्याओं पर उठी गंभीर चिंताएं
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
जनकपुरधाम के नोचा पोखर के पास रविवार को 22वां राष्ट्रीय धान दिवस पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधि एकत्र हुए।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक राम सरोज यादव ने कहा कि मधेश अंचल कभी धान उत्पादन में अग्रणी था और यहां का धान भारत तक निर्यात होता था, लेकिन आज स्थिति उलट है – अब हमें चावल भारत से आयात करना पड़ रहा है। उन्होंने इसके पीछे सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद की कमी को प्रमुख कारण बताया और केंद्र व प्रदेश सरकार को किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह ने कहा कि यदि सरकार समय पर खाद, बीज और सिंचाई की व्यवस्था करे, तो मधेश पुनः धान निर्यातक क्षेत्र बन सकता है। उन्होंने कमला नदी का पानी जनकपुरधाम तक लाने के लिए ठोस प्रयास की जरूरत जताई।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने धान उत्पादन की चुनौतियों और समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आनंद नेपाल महोतरी द्वारा आयोजित और जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों की बड़ी भागीदारी रही।
यह आयोजन न सिर्फ कृषि परिदृश्य की समस्याओं को सामने लाया, बल्कि स्थानीय समाधान की दिशा में संवाद और सहयोग की नई उम्मीद भी जगा गया।













