-राजापाकर में मकर संक्रांति की धूम, बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़
-तिलकुट,लाइ, दही की जमकर हुई खरीदारी -सब्जियों के दाम आसमान पर
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव।
राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इसके मद्देनजर प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों और हाट-बाजारों में सोमवार से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रखंड मुख्यालय स्थित राजापाकर बाजार, शनिचर हाट चौक, भुवनेश्वर चौक, थाना रोड और हाई स्कूल रोड पर तिलकुट, लाइ, गुड़ और दही की दुकानों की कतारें सजी नजर आईं। लोगों ने जमकर लाइ, तिलकुट और दही की खरीदारी की। सुधा ब्रांड के दही के महंगे होने के कारण स्थानीय कंपनियों के दही की बिक्री अधिक देखी गई, जिससे दुकानदारों में खासा उत्साह रहा।
बाजारों में बढ़ी भीड़ से कस्बों की रौनक देखते ही बन रही है। वहीं मौसम साफ रहने और धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। सब्जी बाजारों में दोपहर 12 बजे से ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा लीं। इसके साथ ही किराना दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई। लोग विशेष रूप से चूड़ा और तिल से बने तिलकुट खरीदते नजर आए।

मकर संक्रांति को लेकर सब्जी बाजारों में भी महंगाई का असर साफ दिखा। त्योहार में सब्जियों के विशेष महत्व के कारण इनके दाम आसमान छू रहे हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन पांच रंग की सब्जियां बनाने का रिवाज है, जिसमें कोहड़ा (कुम्हड़ा) की सब्जी का विशेष महत्व माना जाता है। लोग इसे साल में एक बार मकर संक्रांति के अवसर पर जरूर बनाते हैं।
शनिचर हाट चौक के तिलकुट व्यवसायी सतीश कुमार, कमल शाह और बालेश्वर साह ने बताया कि उनकी दुकानों पर ₹150 से लेकर ₹400 तक के तिलकुट उपलब्ध हैं। सबसे अधिक बिक्री ₹200 वाले तिलकुट की हो रही है, जिसमें ₹100 के डिब्बे में आधा किलो तिलकुट ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है।
वहीं सब्जी बाजार में फूलगोभी सबसे महंगी सब्जी रही, जो ₹80 से ₹100 प्रति किलो बिक रही है। बैंगन ₹50 किलो, सेम ₹50 किलो, मटर-छीमी ₹50 किलो और धनिया पत्ता ₹200 प्रति किलो के भाव से बिकता देखा गया। लोगों ने बताया कि महंगे दाम होने के बावजूद त्योहार की मजबूरी में उन्हें थोड़ी-थोड़ी सभी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति को लेकर राजापाकर प्रखंड में उत्सव का माहौल है और बाजारों की चहल-पहल से त्योहार की रौनक साफ झलक रही है।













