-मोहन दास महाविद्यालय में एनएसएस द्वारा पराक्रम दिवस का आयोजन
राजापाकर–संजय श्रीवास्तव।
मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर के सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में पराक्रम दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रवि रंजन कुमार ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. श्याम रंजन प्रसाद सिंह, शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पराक्रम हमारे साहस का प्रतीक है। देश ने गुलामी को चुनौती देकर स्वतंत्रता प्राप्त की और पराक्रम केवल विचारों में ही नहीं, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा सर्वोपरि लक्ष्य देश की सेवा होना चाहिए। आज़ादी का मार्ग केवल अहिंसा ही नहीं, बल्कि साहस, संगठन और समर्पण से भी होकर गुजरता है। सुभाष चंद्र बोस ने सेना को संगठित कर आम नागरिकों में आज़ादी का एहसास जगाया।

कार्यक्रम में प्रो. अनामिका कुमारी ने कहा कि देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। साहस वह हथियार है, जिससे व्यक्ति हर समस्या का समाधान खोज सकता है। इसलिए हमें संगठित होकर देशहित में कार्य करते रहना चाहिए, तभी देश वास्तव में विश्व गुरु बन सकेगा।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सुशील कुमार ने किया। इस अवसर पर अनेक छात्रों में सचिन कुमार, सोनू कुमार, नीरज कुमार तथा छात्राओं में रोशनी कुमारी, नेहा कुमारी, मेघा कुमारी और स्मिता कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।












