-मुजफ्फरपुर में सफर होगा महंगा, तीन प्रमुख पुलों और दो स्टेट हाईवे पर नवंबर से लगेगा टोल टैक्स
मुजफ्फरपुर। जिले में आने वाले महीनों में सड़क यात्रा महंगी होने जा रही है। नई टोल नीति के तहत मुजफ्फरपुर के तीन प्रमुख पुलों और दो स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली की तैयारी तेज हो गई है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर 2026 से टोल वसूली शुरू होने की संभावना है।
नई व्यवस्था के तहत साहेबगंज का बंगरा घाट पुल, मीनापुर का रघई घाट पुल और बंदरा का पिलखी पुल टोल के दायरे में आएंगे। इसके अलावा स्टेट हाईवे-74 और स्टेट हाईवे-86 पर भी टोल टैक्स लागू किया जाएगा।
पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि तीनों पुलों पर टोल वसूली को लेकर मुख्यालय स्तर पर नीति तय की जा चुकी है। ट्रैफिक सर्वे पूरा कर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। विभागीय निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
करीब पांच किलोमीटर लंबा बंगरा घाट पुल मुजफ्फरपुर को गोपालगंज से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस पुल से प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हजार वाहन गुजरते हैं, जिससे इसका व्यावसायिक महत्व भी काफी अधिक है।
वहीं रघई घाट पुल बूढ़ी गंडक नदी पर बना है और कांटी, मीनापुर तथा शिवहर के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है। इस पुल से करीब दो लाख आबादी को सीधा लाभ मिलता है और प्रतिदिन 15 से 20 हजार वाहन यहां से गुजरते हैं।

वहीं पिलखी पुल बंदरा को दरभंगा से जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग है। इस पुल पर भी रोजाना 20 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। तीनों पुल दो लेन के हैं और लगभग 12 मीटर चौड़े हैं।
नई नीति के तहत एसएच-74 (वैशाली–अरेराज मार्ग) और एसएच-86 (मोतीपुर–साहेबगंज मार्ग) पर भी टोल वसूला जाएगा। विभागीय गाइडलाइन के अनुसार, 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुल और चयनित राज्य राजमार्गों पर टोल लागू किया जाएगा।
राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर टोल दरें भी निर्धारित कर दी हैं। इसके अनुसार—
कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों से 1.25 रुपये प्रति किमी,छोटे व्यवसायिक वाहनों से 2 रुपये प्रति किमी,दो एक्सल वाले बस और ट्रक से 4.25 रुपये प्रति किमी,सात या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहनों से 8.10 रुपये प्रति किमी टोल वसूला जाएगा।
टोल व्यवस्था लागू होने के बाद इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों और व्यवसायिक वाहनों की परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है। हालांकि सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क और पुलों के रखरखाव एवं बेहतर आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।












