-मुजफ्फरपुर में कवि गोष्ठी सह मुशायरा संपन्न — कवियों की रचनाओं ने बांधा समां
मुजफ्फरपुर। संवाददाता।
श्री गांधी पुस्तकालय, गोला रोड, मुजफ्फरपुर के सभागार में मासिक कवि गोष्ठी सह मुशायरा का आयोजन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह ने की, जबकि संचालन दीनबंधु आजाद ने अपने विशिष्ट अंदाज में किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कवि शशिभूषण वर्मा की बज्जिका रचना “बिन हाथी के बिन घोड़ा के, चांद पर पहुंचब कहियो ले” पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं। अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह की रचना “सावन के बुन्नी बरसईअ” ने भी सबका मन मोह लिया।

इसके अलावा कवि अरुण कुमार तुलसी की “आशा के दीप दिल में, हरदम जलाए रखना”, प्रमोद नारायण मिश्र की “मेरी सुंदर सनम, बहुत प्यार करते हैं हम”, सुमन कुमार मिश्र की “फिर दिवाली आ गई”, ओम प्रकाश गुप्ता की “जिस हृदय में करुणा है, वही मानव सच्चा नेक है”, अंजनी कुमार पाठक की “आओ दीप जलाएं”, दीनबंधु आजाद की “ना मुस्कुराओ तुम बहुत याद आओगे”, अशोक भारती की “जो वोट न देते हैं नादान, लोकतंत्र होता बेजान” तथा सतेंद्र कुमार सत्येन की भोजपुरी रचना “सैया मोर जब अहिए अटरिया” ने भी खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रसिद्ध समाजसेवी मोहन प्रसाद सिन्हा ने अपने सारगर्भित शब्दों में डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कवियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
अंत में मासिक काव्य गोष्ठी के संयोजक सुमन कुमार मिश्र ने सभी कवियों एवं श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्ष के आदेश से आगामी आयोजन तक के लिए कार्यक्रम की औपचारिक समाप्ति की घोषणा की गई।












