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मुजफ्फरपुर पुलिस का विशेष अभियान जारी: एक वर्ष में 325 गुमशुदा बच्चियां और युवतियां बरामद

-मुजफ्फरपुर पुलिस का विशेष अभियान जारी: एक वर्ष में 325 गुमशुदा बच्चियां और युवतियां बरामद

-कई परिवारों को मिली राहत

मुजफ्फरपुर। जिले में गुमशुदा बच्चियों और युवतियों की तलाश को लेकर पुलिस का विशेष अभियान लगातार तेज़ी से चलाया जा रहा है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत पुलिस ने बीते एक वर्ष के दौरान बड़ी संख्या में लापता मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई से कई परिवारों को राहत मिली है और पुलिस की सक्रियता भी सामने आई है।

पुलिस आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में गुमशुदगी और अपहरण से जुड़े कुल 587 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें बच्चियों और युवतियों के लापता होने की शिकायतें शामिल थीं। इनमें से अब तक 325 मामलों में पुलिस ने सफलतापूर्वक बरामदगी की है। यह कुल मामलों का लगभग 60 प्रतिशत रिकवरी रेट दर्शाता है।

बरामद की गई बच्चियों और युवतियों में 165 नाबालिग शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है। वहीं 180 बालिग युवतियों को भी सुरक्षित वापस लाया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई केवल बिहार तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई अन्य राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान के माध्यम से भी लोकेशन ट्रेस कर बरामदगी सुनिश्चित की गई।

पुलिस अधिकारी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि टीम लगातार टेक्निकल सर्विलांस, सोशल इनपुट और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए मामलों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई बच्चियों और युवतियों को दूसरे राज्यों से भी सुरक्षित बरामद किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि यह समस्या केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि कई मामलों में अंतरराज्यीय स्वरूप भी रखती है।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल रिकवरी रेट बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक गुमशुदा बच्ची और युवती को सुरक्षित घर तक पहुंचाना है। इसके लिए आने वाले समय में अभियान को और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी लापता बच्ची या युवती के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समाज और प्रशासन के साझा प्रयास से ही ऐसे मामलों में तेज़ सफलता संभव है। कई मामलों में छोटी-सी सूचना भी बड़ी बरामदगी का आधार बनी है, जिससे अनेक परिवारों की खुशियां वापस लौट सकीं।

हालांकि पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि अभी कई मामले लंबित हैं और चुनौती बनी हुई है। बावजूद इसके, लगातार चल रहे विशेष अभियान से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में रिकवरी रेट और बेहतर होगा तथा गुमशुदगी के मामलों में कमी आएगी।

कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर पुलिस का यह विशेष अभियान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो प्रभावित परिवारों के लिए राहत और भरोसे की उम्मीद बनकर सामने आया है।