-मुख्यमंत्री ने पीएमसीएच आपातकालीन इकाई भवन का किया निरीक्षण, निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
पटना। ब्यूरो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) स्थित नवीन आपातकालीन इकाई भवन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन सेवाओं, उपलब्ध सुविधाओं तथा निर्माणाधीन विभागों की प्रगति का जायज़ा लिया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आपातकालीन इकाई में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों और मरीजोें को दी जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने तीसरे तल का निरीक्षण किया, जहाँ सामान्य औषधि, दंत चिकित्सा तथा स्त्री एवं प्रसूति वाह्य विभाग संचालित हैं।
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री छठे तल पर पहुंचे और वहाँ मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू, ऑक्सीजन पाइपलाइन सेवा, परामर्श कक्ष और अन्य तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही एयर एम्बुलेंस लैंडिंग एरिया की सुरक्षा को लेकर चहारदीवारी की पर्याप्त ऊँचाई सुनिश्चित करने को कहा।
पीएमसीएच पुनर्विकास परियोजना की प्रगति
मुख्यमंत्री द्वारा 08 फरवरी 2021 को पीएमसीएच के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद विभिन्न चरणों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कई विभागों और भवनों का उद्घाटन किया गया।

27 फरवरी 2024 को CUB, MLCPh, नर्सेज एवं गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन तथा पावरग्रिड का शिलान्यास किया गया।
द्वितीय तल पर बिहार राज्य रक्त अधिकोष का संचालन शुरू हुआ।
03 मई 2024 को नवनिर्मित टावर-01 और टावर-02 का उद्घाटन किया गया।
इन टावरों में पार्किंग, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ईएनटी, विभिन्न ओपीडी, मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू, लेबर रूम, एनआईसीयू, फैकल्टी रूम, अधीक्षक कार्यालय तथा डिलक्स-सूट रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। टावर के 10वें तल पर हेलीपैड निर्माण कार्य प्रगति पर है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित:
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पीएमसीएच प्रशासन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनर्विकास परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी सुविधाओं को जल्द से जल्द क्रियाशील किया जाए।











