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मुख्तार के बाद अफजाल को भी सुनाई गई 4 साल की सजा, अब जाएगी संसद की सदस्यता

-मुख्तार के बाद अफजाल को भी सुनाई गई 4 साल की सजा, अब जाएगी संसद की सदस्यता

सम्वाददाता।

माफिया मुख्तार अंसारी और बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी पर गैंगेस्टर एक्ट के मामले में कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया. न्यायालय ने अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई है. गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी को यह सजा गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई है. इसके साथ ही उनकी संसद की सदस्यता भी जाने का खतरा शुरू हो गया है क्योंकि 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर निर्वाचित प्रतिनिधि की सदस्यता चली जाती है.
इसके पहले कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई है. गाजीपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट में सजा सुनाई है. इसके साथ ही गाजीपुर से अफजाल की संसद सदस्यता भी खतरे में पड़ गई. अफजाल अंसारी कोर्ट पहुंचे वहीं, मुख्‍तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के जरिए जुडें.


मुख्तार अंसारी पर चंदौली में 1996 में कोयला व्यवसायी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण व हत्या कांड और कृष्णानंद राय हत्या कांड को जोड़कर गैंग चार्ट बनाया गया था. इस मामले में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है. वर्ष 2005 में मुहम्मदाबाद थाना के बसनिया चट्टी में बीजेपी विधायक कृष्णानन्द राय समेत 7 लोगों की हत्या की गई थी. इस मामले में सांसद अफजाल अंसारी और माफिया मुख्तार अंसारी पर 2007 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था.
बताया जाता है कि ये हत्या माफिया मुख्तार के इशारे पर ही हुई थी। दरअसल, गाजीपुर की मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर अंसारी परिवार का वर्चस्व रहा करता था, जिसे 2002 के विधानसभा चुनाव में कृष्णानंद राय ने खत्म कर दिया था। राय ने उस चुनाव में मौजूदा सांसद और मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी को हरा दिया था। बताया जाता है कि भाई की हार पर मुख्तार बौखला गया था और जिसके बाद ये घटना हुई। हत्याकांड के समय मुख्तार जेल में बंद था।