-‘मटन-पुलाव’ पर ‘ललन-विजय’ आमने सामने ! नेता प्रतिपक्ष ने मुंगेर DM से पूछा- 8 टन मांस कहां से आया…स्लॉटर हाउस था ?
सम्वाददाता। पटना।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने अपने ससंदीय क्षेत्र मुंगेर में 14 मई को मटन-पुलाव का महाभोज दिया था. महाभोज पर बिहार में महा राजनीति हो रही है. भाजपा ने भोज के बहाने ललन सिंह को क्षेत्र में ही घेरने की कोशिश की है. मटन-पुलाव भोज पर ललन सिंह और नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा आमने-सामने हैं. भोज के बाद विजय सिन्हा के तंज कसते हुए कहा था कि मुंगेर शहर से कुत्ते अचानक गायब हो गए हैं. अब नेता प्रतिपक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कई तरह की जानकारी मांगी है।
बिहार विधानमंडल के नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह द्वारा मुंगेर में दिए गए मटन चावल भोज को लेकर मुंगेर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कई तरह की जानकारी मांगी है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्या सुनने के बाद वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोज के बाद लोग बोल रहे हैं तो जदयू अध्यक्ष ने अपने जिला अध्यक्ष से नोटिस भिजवाया है। जदयू जिलाध्यक्ष के नोटिस का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इनके कार्यकर्ता और मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि 32 हजार लोग भोज में शामिल हुए। इसके बाद मैंने भी एक पत्र वहां के डीएम को आज भेजा है, जिसमे पूछा गया है कि आपको इस भोज की विधिवत सूचना थी या नहीं ?

उन्होंने कहा कि पत्र के माध्यम से यह भी जानकारी मांगी गई है कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए आपके द्वारा कोई आदेश निर्गत किया गया था कि नहीं। साथ ही मटन चावल परोसने की जानकारी मिली है तो निगम क्षेत्र में इतने बड़े व्यवस्था के लिए स्लाटर हाउस की व्यवस्था की गई थी या नहीं ? जिलाधिकारी से यह भी जानकारी मांगी गई है कि जानवर का स्वास्थ्य परीक्षण और मांस का परीक्षण किस पशु चिकित्सक और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के द्वारा किया गया था।
विजय सिन्हा ने कहा कि जानकारी के मुताबिक लगभग आठ टन मांस आने को बात सामने आई है. क्या सभी प्रावधानों का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 40 लाख रुपए से ऊपर का मांस आया था, तो इसका जीएसटी का भुगतान हुआ है या नहीं ? उन्होंने इस मामले की जांच पटना उच्च न्यायालय के सीटिंग जज से कराने की मांग सरकार से की है। उन्होंने 27 मई को डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठने की भी घोषणा की।










