-भारत वैश्विक शक्ति बनकर उभरा, लोवी इंस्टीट्यूट की एशिया पावर इंडेक्स 2025 रिपोर्ट में तीसरा स्थान
एजेंसी। नई दिल्ली।
भारत में भले ही राजनीतिक स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन वैश्विक मंच पर देश लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। लोवी (Lowy) इंस्टीट्यूट द्वारा जारी एशिया पावर इंडेक्स 2025 में भारत ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए शक्तिशाली देशों की सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
इस सूची में अमेरिका पहले, चीन दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि जापान चौथे व रूस पाँचवें स्थान पर रहे। विशेष बात यह है कि पाकिस्तान टॉप-10 देशों में भी जगह नहीं बना सका और उसे 16वां स्थान मिला है।
लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग:
ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित लोवी इंस्टीट्यूट ने एशिया के 27 देशों को सैन्य, आर्थिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव के आधार पर आंका है। रिपोर्ट के अनुसार—
भारत को 40.0 स्कोर के साथ ‘मेजर पॉवर’ की श्रेणी में रखा गया हैl
चीन को 73.7 स्कोर के साथ सुपर पावर बताया गया है।
अमेरिका 80.5 स्कोर के साथ शीर्ष पर है।
भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत के पीछे उसकी तेज आर्थिक वृद्धि, मजबूत सैन्य शक्ति और कूटनीतिक सक्रियता को मुख्य कारण माना गया है।

रूस ने फिर पाई टॉप-5 में जगह:
युक्रेन युद्ध के बाद प्रतिबंधों के कारण कम हुए प्रभाव को रूस ने 2024 में काफी हद तक वापस हासिल कर लिया है और 5वें स्थान पर लौट आया है।
वहीं चीन ने एशिया में अपनी शक्ति और प्रभाव को और मजबूत किया है, जबकि अमेरिका के प्रभाव में कुछ कमी आई है।
टॉप-10 शक्तिशाली देश (एशिया पावर इंडेक्स 2025)
1. अमेरिका – 80.5 (सुपर पावर)
2. चीन – 73.7 (सुपर पावर)
3. भारत – 40.0 (मेजर पावर)
4. जापान – 38.8 (मिडिल पावर)
5. रूस – 32.1 (मिडिल पावर)
6. ऑस्ट्रेलिया – 31.8 (मिडिल पावर)
7. दक्षिण कोरिया – 31.5 (मिडिल पावर)
8. सिंगापुर – 26.8 (मिडिल पावर)
9. इंडोनेशिया – 22.5 (मिडिल पावर)
10. मलेशिया – 20.6 (मिडिल पावर)
भारत का लगातार ऊपर उठना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में वह न केवल एशिया में बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी अपनी मजबूत भूमिका निभाएगा।













