-भारत कला भवन: 106 वर्षों की जीवंत विरासत
वाराणसी।संवाददाता।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में स्थित एशिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयीय संग्रहालय भारत कला भवन ने अपना 106वाँ स्थापना दिवस गरिमा, गौरव और सांस्कृतिक चेतना के साथ मनाया।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी, उप निदेशक डॉ. निशांत तथा भारत कला भवन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने आधारशिला पर पुष्पार्चन कर संस्थापक को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी ने कहा कि “भारत कला भवन केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की जीवंत चेतना है। 106 वर्षों की यह यात्रा हमें अपनी विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नवाचार और शोध की दिशा में निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा देती है।”
उपनिदेशक डॉ. निशांत ने अपने वक्तव्य में कहा कि “भारत कला भवन का प्रत्येक संग्रह भारतीय सभ्यता की स्मृति और भविष्य की शोध संभावनाओं का आधार है। यह संस्थान विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विद्वानों के लिए सृजन और अध्ययन का सशक्त केंद्र है।”

इस अवसर पर भारत कला भवन के समस्त अधिकारीगण और कर्मचारीगण ने भारत कला भवन के संस्थापक पद्म विभूषण राय कृष्ण दास जी के अतुलनीय योगदान को नमन किया।
लगभग एक लाख से ज्यादा दुर्लभ कलाकृतियों, विश्वविख्यात लघुचित्र संग्रह और सुदृढ़ अकादमिक परंपरा के साथ भारत कला भवन भारतीय कला एवं पुरातत्व, शोध और विरासत का वैश्विक केंद्र है। 106 वर्षों की यह यात्रा अतीत की स्मृति, वर्तमान की साधना और भविष्य के अनुसंधान का सेतु बनकर भारत की सांस्कृतिक पहचान को निरंतर आलोकित कर रही है।













