-बोचहां में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बदहाली का शिकार, जिम्मेदार बेखबर
-गंदगी के ढेर पर खड़ा स्वास्थ्य उपकेंद्र, मरीज-डॉक्टर सभी परेशान
मुजफ्फरपुर/बोचहां। एक ओर स्वास्थ्य विभाग मलेरिया और कालाजार जैसी गंभीर बीमारियों को रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। बोचहां प्रखंड के शर्फुद्दीनपुर पंचायत स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
जिस जगह का मकसद ग्रामीणों को बीमारियों से बचाना है, वही केंद्र आज गंदगी और बीमारियों का गढ़ बन गया है। चारों ओर घनी झाड़ियां, कचरे के ढेर और गंदगी ने इस केंद्र को कूड़ाघर में तब्दील कर दिया है।
गंदगी और झाड़ियों से घिरा केंद्र:
केंद्र तक पहुंचने का रास्ता जंगली घास और कचरे से पटा पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लोग खुलेआम कूड़ा फेंकते हैं और शौच भी कर जाते हैं। नतीजा यह है कि पूरा इलाका दुर्गंध से भर गया है।

मरीजों को हो रही भारी परेशानी:
केंद्र की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं गंदगी से भरे रास्ते से गुजरने में असमर्थ महसूस करती हैं। झाड़ियों और गंदगी के कारण कई बार लोग केंद्र तक पहुंचने से ही कतराते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की भी हालत खराब:
केंद्र पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी पूजा रानी बताती हैं—
“इस गंदगी में काम करना हमारे लिए भी मुश्किल है। मरीज यहां आने से बचते हैं। हम अपनी तरफ से सफाई करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत प्रयास से कहीं बड़ा मसला है। हमें खुद बीमार पड़ने का डर रहता है। कई बार अधिकारियों को बताया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।”
प्रशासन मौन, ग्रामीण नाराज:
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते सफाई नहीं हुई तो यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना तो दूर, लोग बीमारियों की चपेट में और ज्यादा आ जाएंगे।













