Advertisement

बिहार सरकार का बैंकों पर सख्त रुख, 6 माह में सुधार नहीं तो सरकारी डिपॉजिट पर लगेगी रोक

-बिहार सरकार का बैंकों पर सख्त रुख, 6 माह में सुधार नहीं तो सरकारी डिपॉजिट पर लगेगी रोक

पटना, 10 जून।दीपक कुमार तिवारी।

बिहार सरकार ने राज्य में बैंकिंग क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं करने वाले बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बीजेन्द्र प्रसाद यादव ने बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाओं को मंजूरी दे दी है।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में बैंकिंग व्यवस्था में सुधार के लिए पांच महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की गईं। वित्त विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन बैंकों का प्रदर्शन लगातार खराब रहेगा और अगले छह महीनों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखेगा, उनके सरकारी डिपॉजिट पर रोक लगा दी जाएगी।
समिति ने वार्षिक साख योजना (एसीपी) के लक्ष्य को बढ़ाने की सिफारिश करते हुए कहा कि राज्य के संभावित जमा (डिपॉजिट) का कम से कम 80 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इसके लिए नाबार्ड द्वारा 3.55 लाख करोड़ रुपये का संभावित ऋण योजना (पीएलपी) तय किया गया है, जिसके आधार पर नया एसीपी निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है।


साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की समीक्षा में पाया गया कि बड़े बैंकों की तुलना में कई छोटे बैंकों का प्रदर्शन बेहतर है। समिति ने सुझाव दिया कि राज्य का सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए प्रमुख बैंकों को अधिक ऋण वितरण लक्ष्य दिया जाए।
बैठक में केंद्र सरकार के जनसमर्थ पोर्टल को बिहार में व्यापक रूप से लागू करने की अनुशंसा की गई। इसके माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और अन्य सरकारी योजनाओं के ऋण आवेदन सीधे बैंकों तक पहुंचेंगे, जिससे निगरानी और ऋण वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
समिति ने पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों में जनसमर्थ पोर्टल के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। जीविका दीदियों, स्वयं सहायता समूहों तथा 50 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़कर केसीसी खातों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
प्रदर्शन आधारित रैंकिंग प्रणाली के तहत जिन बैंकों की उपलब्धि 50 प्रतिशत से कम और एसीपी लक्ष्य की प्राप्ति 60 प्रतिशत से नीचे है, उन्हें निगरानी सूची में रखा जाएगा। ऐसे बैंकों को सुधार के लिए वित्त विभाग की ओर से विशेष पत्र जारी किए जाएंगे।
निगरानी सूची में शामिल प्रमुख बैंकों में UCO Bank, Union Bank of India, Central Bank of India, Punjab National Bank, Bank of India, State Bank of India समेत कुल 15 बैंक शामिल हैं।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने जनवरी 2026 में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति नियमित रूप से बैंकों के प्रदर्शन, एसीपी लक्ष्यों की प्राप्ति और सीडी रेशियो की समीक्षा कर राज्य में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।