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प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए मोतिहारी जिला का किया है चयन: डीएम

-प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए मोतिहारी जिला का किया है चयन: डीएम

– चतुर्थ कृषि रोड मैप के सूत्रण को लेकर किसानों के साथ किया विचार विमर्श

मोतिहारी/राजन।

समाहरणालय स्थित डॉ राधा कृष्णन भवन में आज चतुर्थ कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिए किसानों के साथ जिला स्तर पर विचार विमर्श एवं उनके सुझावों को लेकर जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री के द्वारा कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए मोतिहारी जिला को चयनित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मत्स्य उत्पादन में बिहार में मोतिहारी जिले का स्थान द्वितीय है ।
उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को समिति का सदस्य बनाएं। समीक्षा के दौरान कृषि, पशुपालन, बिजली, केन विभाग उद्यान, मत्स्य पालन विभाग के पदाधिकारियों एवं किसानों ने बेहतर सुझाव के प्रस्ताव को डीएम ने स्वीकृति दी।


सिंचाई , बंबू प्लांट, ईथनाॅल प्रोडक्ट, मछली बाजार को विकसित करने , लेमनग्रास, मखाना की खेती, सरकारी तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने, आम ,लीची , मडुआ फूड प्रोसेसिंग को विकसित करने, अंडा उत्पादन में वृद्धि लाने , मधुमक्खी पालन ,औषधीय प्लांट, मोतीझील में मोती निर्माण प्रौन फार्मिंग, केन हर्बेस्टिंग, जलवायु का पूर्वानुमान हेतु एप , नेचुरल फार्मिंग, सब्जी रखने के लिए रेफ्रिजरेटर, बीज उत्पादन को बढ़ावा देने आदि विषयों को विकसित करने के लिए प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने सहमति जाहिर की। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों एवं व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके ।
कार्यक्रम में कृषि फसल, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य के किसानों ने भाग लिया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा सुझाव दिया गया कि सभी मवेशियों का बीमा सरकार के स्तर से हो ताकि पशु क्षति होने पर पशुपालकों को सहायता मिल सके। साथ ही उनके द्वारा दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी सरकार के दर से निर्धारित है।
किसान धीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि कृषि यांत्रिकरण बैंक में ड्रोन मशीन को भी शामिल किया जाय ताकि नैनो यूरिया का प्रचार ज्यादा से ज्यादा हो सके।
केवीके पीपराकोठी के वैज्ञानिक डॉ. तेजस्विनी कपिल ने बताया कि कीटनाशकों के उपयोग को कम करने और पारिस्थितिक संतुलन बनाये रखने के लिए प्राकृतिक खेती के अनुकूल के लिए किसानों के बीच प्रौद्योगिकियों का प्रसार किया जाय। साथ ही ग्रामीण युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने पर बल देने की बात कही ।
मत्स्य पालक ललन कुमार ने बताया कि पूर्वी चम्पारण में मखाना की खेती अच्छी तरह से किया जा सकता है। मखाना की खेती के लिए लक्ष्य दिया जाय ।
किसान अजय देव ने बताया कि सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी फसल क्षति का लाभ दिया जाय। मौके पर अपर समाहर्ता पवन कुमार, सहायक समाहर्ता, बिहार पटना (शष्य) उपादान कृषि निदेशालय के संयुक्त निदेशक समीर कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गन्ना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण आकांक्षा, सहायक निदेशक ’रसायन’ अमितेश कुमार, किसान दुर्गा सिंह, पवन कुमार श्रीवास्तव, विजय कुमार सिंह, ब्रज किशोर सिंह, अरविन्द्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, रितेश कुमार, प्रताप रंजन, रामनाथ सहनी, बच्चा प्रसाद यादव, परमानंद पांडेय, अजय कुमार देव, ललन शुक्ला, अखिलेश प्रसाद, धनंजय मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।