-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल का किया वर्चुअली उद्घाटन
-570 करोड़ रुपये की लागत से बना यह अस्पताल पूर्वी भारत में कैंसर इलाज का नया केंद्र बनेगा
मुजफ्फरपुर, 22 अगस्त
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के मुजफ्फरपुर में निर्मित अत्याधुनिक होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का वर्चुअली उद्घाटन किया। यह केंद्र टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC), मुंबई की एक इकाई है, जो कि परमाणु ऊर्जा विभाग,
भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में है। यह अस्पताल श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (SKMCH) के परिसर में स्थित है। उद्घाटन कार्यक्रम गया में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअली हुआ, इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल डॉ आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, टाटा स्मारक केंद्र के निदेशक डॉ सुदीप गुप्ता सहित इत्यादि उपस्थित रहे।
लगभग ₹570 करोड़ की लागत से निर्मित यह अस्पताल बिहार सहित झारखंड, उत्तर प्रदेश, और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों के कैंसर मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।अस्पताल में कुल 150 बेड्स, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, डे-केयर सुविधा, रेडियोथेरेपी यूनिट, और रिसर्च विंग मौजूद हैं। यह केंद्र कैंसर के निदान, इलाज और अनुसंधान का एक समर्पित केंद्र बनेगा। यह केंद्र कैंसर इलाज के क्षेत्र में न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक वरदान सिद्ध होगा।
इलाज के लिए अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली या मुंबईः
इस अस्पताल की स्थापना से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों के कैंसर मरीजों को अब इलाज के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह केंद्र मरीजों को एक ही छत के नीचे निदान, परामर्श, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी जैसी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
स्थानीय लोगों को रोजगार और राहत दोनोः
इस परियोजना से मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को चिकित्सा और प्रशासनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही स्थानीय मरीजों को अब कैंसर की शुरुआती जांच से लेकर उन्नत उपचार तक की सुविधा अपने राज्य में ही उपलब्ध होगी। टाटा मेमोरियल सेंटर के निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता ने बताया “हम इस अस्पताल को पूर्वी भारत में कैंसर देखभाल के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। हम रिसर्च, प्रशिक्षण और इलाज, तीनों क्षेत्रों में विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करेंगे।”

सीएसआर से मदद: अस्पताल के संचालन में सीएसआर से बड़ी मदद मिल रही है। इन राशि से न केवल अस्पताल में नई सेवाएं शुरू की जा रही है, बल्कि अत्याधुनिक मशीनें भी अस्पताल आ रही हैं। अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार, एल्केम लैबोरेट्रीज, रूरल एलेट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, बीपीसीएल, डॉक्टर्स फॉर यू , बोनाई इंडस्ट्रियल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, फी ग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड इरेडा इत्यादि संस्थाओं द्वारा सीएसआर में मदद मिली है।
एक नजर में अस्पताल का महत्त्व:
-बिहार का पहला पूर्ण कैंसर सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल
– रियायती दरों पर इलाज की सुविधा आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत
-कैंसर के प्रति जनजागरूकता और स्क्रीनिंग अभियान को बढ़ावा
अस्पताल की प्रमुख विशेषताएं:
· कुल लागत: ₹570 करोड़
· बिस्तर (बेड्स): 150
· अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर
· रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी की समुचित सुविधा
· निकट भविष्य में 150 बेड्स का पॉलियटिव केयर की सुविधा।
यह संस्थान कैंसर उपचार के विकेंद्रीकरण में मील का पत्थर साबित होगा, और टाटा स्मारक केंद्र के तीन उद्देश्यों, सेवा, शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने और इस दिशा में मजबूती लाने में बेहद मददगार साबित होगा।
–डॉ. सुदीप गुप्ता, निदेशक, टाटा स्मारक केंद्र, मुंबई
बिहार सहित ये पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि कैंसर इलाज की अत्याधुनिक व्यवस्था अब इस क्षेत्र के लोगों के लिए भी उपलब्ध हो गई है। हमारा उद्देश्य अस्पताल आने वाले हर मरीजों को गुणवत्तापरक किफायती इलाज मुहैया कराना है।
–डॉ. कुमार प्रभाष, निदेशक, होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर
यह पूरे बिहार के लिए बहुत अच्छी बात है कि अब उन्हें कैंसर के गुणवत्तापरक इलाज के लिए बड़े शहर नहीं जाना होगा। इससे दोनों अस्पतालों के अनुसंधान के क्षेत्र में भी बड़ी मदद मिलेगी।
–डॉ. आभा रानी सिन्हा, प्रिंसिपल, SKMCH













