-पिता करते थे गैस सिलेंडर डिलेवरी का काम, खुद झाड़ू पोछा लगाया, जानें किन मुश्किलों से गुजर कर स्टार बना रिंकु सिंह
सम्वाददाता।पटना।
रिंकु सिंह, बीते रविवार को शाम सात बजे तक उसकी कोई बड़ी पहचान नहीं थी। लेकिन सात से साढ़े सात के बीच इस अनाम क्रिकेटर ने ऐसा कमाल किया, जो कि क्रिकेट में अब तक कोई दिग्गज क्रिकेटर भी नहीं कर सका था। उन्होंने मैच के अंतिम पांच गेदों में पांच छक्के लगाकर न सिर्फ एक असंभव दिख रहे लक्ष्य को संभव कर दिया। बल्कि इसके साथ ही एक नया इतिहास भी लिख दिया। क्रिकेट के तमाम दिग्गजों ने रिंकु सिंह की इस पारी को ऐतिहासिक बताया। लेकिन, रिंकु सिंह की यह सफलता और नाइट राइडर्स की टीम में शामिल होने तक का सफर बेहद कठिनाइयों वाला रहा है। जो किसी को भी प्रेरित कर सकता है।
रिंकु सिंह का परिवार अलीगढ़ का रहनेवाला है। यहीं रिंकू का जन्म 12 अक्टूबर 1997 को हुआ था और वह 5 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। रिंकू केपिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वह गैस सिलिंडर डिलेवरी का काम करते थे।

उधररिंकू को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन पिता बिल्कुल नहीं चाहते थे कि उनका बेटा इस खेल में समय बर्बाद करे। इसके चलते रिंकू की कई बार जमकर पिटाई भी हो जाती थी। इसके बावजूद रिंकू ने क्रिकेट खेलना जारी रखा। दिल्ली में खेले गए एक टूर्नामेंट में उन्हें इनाम के तौर पर बाइक मिली थी मिली, जिसे उन्होंने अपने पिता को सौंप दी। इसके चलतेरिंकू की पिटाई तो बंद हो गई थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई थी। ऐसे में रिंकू ने नौकरी करने का फैसला किया।
रिंकू ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, जिसके कारण उन्हें कोचिंग सेंटर में झाड़ू-पोछा लगाने की नौकरी मिली। रिंकू को इस काम में मन नहीं लगा और उन्होंने कुछ दिनों में ही इस नौकरी को अलविदा कह दिया। इसके बाद रिंकू नेपूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाया, जो उनका करियर चमका सकता था।
रिंकू सिंह के करियर को नई उड़ान देने में दो लोगों मोहम्मद जीशान और मसूद अमीन ने मदद की। मसूद अमीन ने रिंकू को बचपन के दिनों से क्रिकेट की ट्रेनिंग दी है, वहीं जीशान ने अंडर-16 ट्रायल में दो बार फेल होने के बाद इस क्रिकेटर की काफी मदद की। खुद रिंकू सिंह ने भी इस बात का एक इंटरव्यू में खुलासा किया था।
रिंकू की मेहनत आखिरकार रंगरंग लाई, जब 2014 में उन्हें उत्तर प्रदेश की ओर से लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला। रिंकू सिंह ने दो साल बाद पंजाब के खिलाफ मुकाबले से अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू भी किया. रिंकू ने उसके बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया।
रिंकू सिंह ने अबतक 40 फर्स्ट क्लास, 50 लिस्ट-ए और 78 टी20 मैच खेले हैं। फर्स क्लास क्रिकेट में रिंकू ने 59.89 के एवरेज से 2875 रन बनाए हैं, जिसमें सात शतक और 19 अर्धशतक शामिल रहे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिंकू का बेस्ट स्कोर नाबाद 163 रन रहा है। वहीं लिस्ट-ए में रिंकू ने 53 के एवरेज से 1749 रन बनाए। लिस्ट-ए क्रिकेट में रिंकू सिंह के नाम पर 1 शतक और 16 अर्धशतक दर्ज हैं. रिंकू ने टी20 मैचों में 6 अर्धशतकों की बदौलत 1392 रन बनाए।
बात अगर आईपीएल की करें तो रिंकु को सबसे पहले आईपीएल 2017 की नीलामी मेंरिंकू को किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) ने 10 लाख रुपए में खरीदा था। हालांकि उस सीजन उन्हें एक ही मुकाबला खेलने को मिला। साल 2018 के सीजन में रिंकू सिंह को 80 लाख रुपये की कीमत में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम में शामिल किया। तब से वह केकेआर से जुड़े हुए हैं।















