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पंचायत सचिवों की हड़ताल से प्रखंड कार्यालय का कामकाज ठप, आम जनता परेशान

-पंचायत सचिवों की हड़ताल से प्रखंड कार्यालय का कामकाज ठप, आम जनता परेशान

राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। प्रखंड कार्यालय में कार्यरत सभी पंचायत सचिव गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे प्रखंड क्षेत्र का सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पहले से ही अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण भूमि संबंधी कार्य बाधित चल रहे थे। अब पंचायत सचिवों के भी हड़ताल पर चले जाने से आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान पंचायत सचिवों को उनका अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, जिससे कुछ प्रारंभिक कार्य हो पा रहे थे। हालांकि भूमि विवाद, म्यूटेशन, परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पहले से ही प्रभावित थे। अब पंचायत सचिवों की हड़ताल के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है तथा आम जनता के लगभग सभी सरकारी कार्य ठप पड़ गए हैं।


इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। जिला से निर्देश मिलने के बाद अन्य पंचायत एवं प्रखंड कर्मियों को इन कार्यों का प्रभार सौंपा जाएगा।
हालांकि धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आ रही है। प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हड़ताल की खबर सुनकर लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां बाबुओं द्वारा यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, ऐसे में काम कैसे होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार भले ही काम सुचारू रूप से चलने का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन समेत कई जरूरी कार्य पूरी तरह रुके हुए हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
वहीं पंचायत सचिवों और राजस्व कर्मचारियों की मांगों को भी काफी हद तक जायज बताया जा रहा है। एक-एक पंचायत सचिव एवं राजस्व कर्मचारी को चार-पांच पंचायतों या हलकों का अतिरिक्त प्रभार दिया जा रहा है। इसके अलावा एफआर ड्यूटी, जनगणना, चुनाव कार्य जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी जाती हैं, जबकि नई नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार का सीधा असर आम जनता की सेवाओं पर पड़ रहा है।