-सखी बहिनपा मिथिलानी समूह का दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
सभ्यता, संस्कृति,संस्कार तथा उद्यम का संरक्षण एवं प्रवर्धन के उद्देश्य के लिए जनकपुरधाम के महेन्द्र नारायण निधि मिथिला सांस्कृतिक केंद्र में सखी बहिनपा मिथिलानी समूह का दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ है।इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सुधा झा ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति,वेश भूषा तथा संस्कार को नहीं भूलना चाहिए।

आज मिथिला पेंटिंग तथा मैथिली भाषा पूरी दुनिया में पहचान बना चुकी है। मिथिला की खान-पान की प्रशंसा पूरी दुनिया में है। कार्यक्रम से पूर्व विभिन्न प्रकार की झांकी गाजे-बाजे के साथ मैथिल वेशभूषा लगाकर सखी बहिनपा द्वारा निकाली गयी। आरती झा की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मिथिला पेंटिंग, हस्तकला, अदौरी, दनौरी,अचार सहित कई घरेलू उत्पाद का प्रदर्शनी भी लगाया गया है।

इस कार्यक्रम में मिथिला पेंटिंग के सिद्धहस्त कलाकार मिथिलेश्वरी कर्ण, गायिका शांति सदा तथा साहित्यकार हिमांशु चौधरी को प्रस्तति पत्रतथा अंगबस्त्र से सम्मानित किया गया। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नेपाल,भारत सहित कई राष्ट्रों के प्रवासी सखी बहिनपा भाग ले रही है। उपयुक्त जानकारी पूनम झा मैथिल ने दी है।













