-निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में सेक्टर पदाधिकारियों की अहम भूमिका – जिलाधिकारी
मुजफ्फरपुर। दीपक।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निमित्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में एम.आई.टी. मुजफ्फरपुर में सेक्टर पदाधिकारियों का प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण सत्र का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को निर्वाचन आयोग की मार्गदर्शिका के अनुरूप कार्य करने तथा तथा अपने कार्य दायित्व के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपनी जिम्मेदारी पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से निर्वहन करने को कहा।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री सेन ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें सेक्टर पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं निर्णायक होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी को चुनाव आयोग की मार्गदर्शिका का अक्षरश: पालन करना होगा तथा अपने-अपने क्षेत्र में निर्वाचन कार्यों का संचालन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से करना होगा।
संवेदनशील स्थलों की पहचान एवं सतर्कता
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सेक्टर पदाधिकारी का कार्य केवल मतदान केंद्रों के भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उन गांवों, टोले, हैमलेट एवं सेगमेंट की पहचान भी करनी है जहाँ मतदाताओं को मतदान से रोकने, डराने-धमकाने अथवा प्रलोभन देने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे संवेदनशील स्थलों की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके
मतदाताओं को दबाव से मुक्त वातावरण प्रदान करना
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जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मतदाता को अनुचित दबाव डालकर मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जाता है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में सेक्टर पदाधिकारी को तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी ताकि विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने सभी सेक्टर पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे भय, दबाव और पक्षपात से परे रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। लोकतंत्र का वास्तविक उत्सव तभी संभव है जब प्रत्येक मतदाता को स्वतंत्र वातावरण में मतदान करने का अवसर मिले।
ईवीएम एवं वीवीपैट का तकनीकी प्रशिक्षण
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आगामी चुनाव के दृष्टिगत सभी सेक्टर पदाधिकारियों को ईवीएम एवं वीवीपैट के संबंध में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने मशीनों की कार्यप्रणाली, तकनीकी बारीकियों, संचालन विधि तथा संभावित समस्याओं के समाधान पर विस्तार से जानकारी दी।
सेक्टर पदाधिकारियों को मतदान की पूरी प्रक्रिया – बीयू, सीयू, से लेकर मशीन का संचालन और वोटिंग की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि ईवीएम एवं वीवीपैट का मूवमेंट सदैव मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अभिरक्षा में ही किया जाएगा।
सुरक्षित भंडारण हेतु स्ट्रांग रूम की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्यों में तकनीकी दक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
सी-विजिल एप के प्रभावी क्रियान्वयन में सेक्टर पदाधिकारियों की भूमिका
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जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु चुनाव आयोग द्वारा विकसित सी-विजिल मोबाइल एप का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
इस एप के माध्यम से आम नागरिक आचार संहिता उल्लंघन, धनबल अथवा बाहुबल के दुरुपयोग, अवैध बैनर-पोस्टर, शराब या अन्य प्रलोभन सामग्री वितरण जैसी गतिविधियों की सूचना तुरंत दर्ज करा सकते हैं।
सेक्टर पदाधिकारी इन शिकायतों का फील्ड पर सत्यापन करेंगे तथा निर्धारित समयसीमा में रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेंगे। साथ ही वे पुलिस बल एवं फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई कराएँगे।
आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में सेक्टर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी
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जिलाधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के पश्चात उसकी प्रभावी निगरानी एवं अनुपालन सुनिश्चित करना सेक्टर पदाधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने आवंटित क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर राजनीतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित प्रत्येक शिकायत का तत्काल सत्यापन एवं रिपोर्टिंग अनिवार्य है। अवैध पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, प्रचार-प्रसार सामग्री, धनबल एवं बाहुबल का दुरुपयोग, मतदाताओं को प्रलोभन अथवा दबाव डालने जैसी गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मतदाता जागरूकता एवं अधिकाधिक भागीदारी
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जिलाधिकारी ने लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि न्यूनतम वोटिंग वाले स्थलों की पहचान कर वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
विशेषकर महादलित टोले एवं वंचित समुदायों में स्वीप गतिविधियों (SVEEP Activities) को तेज करने तथा अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता – निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव
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अपने संबोधन के अंत में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने सभी सेक्टर पदाधिकारियों से कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में सेक्टर पदाधिकारी सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि –
-प्रत्येक मतदाता को बिना किसी दबाव, भय या प्रलोभन के मतदान का अवसर मिलना चाहिए।
-आचार संहिता का पालन सख्ती से कराया जाए।
-तकनीकी उपकरणों के संचालन में दक्षता बनाए रखी जाए।
-सी-विजिल एप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी और समन्वय बनाए रखा जाए।
जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से सभी सेक्टर पदाधिकारी और अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी एवं सजग बनेंगे, जिससे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2025 स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।












