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निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुआ बिहार सरकार का शिकंजा, फीस और किताबों को लेकर बड़ा फैसला

-निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुआ बिहार सरकार का शिकंजा, फीस और किताबों को लेकर बड़ा फैसला

पटना।दीपक तिवारी। बिहार सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने, फीस नियंत्रण तथा छात्रों एवं अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य के सभी निजी विद्यालयों को सभी प्रकार के शुल्कों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। साथ ही पुनर्नामांकन शुल्क एवं अन्य प्रतिबंधित शुल्क वसूलने पर रोक लगाई गई है। सरकार के इस फैसले से निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क वसूली पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत अब अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से किताबें, पठन-पाठन सामग्री और अन्य आवश्यक सामान खरीद सकेंगे। कोई भी निजी विद्यालय किसी विशेष दुकान या निर्धारित ब्रांड से सामान खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकेगा। इसके अलावा स्कूल ड्रेस खरीदने की स्वतंत्रता भी अभिभावकों को दी गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र का शुल्क बकाया हो, तब भी उसे कक्षा, परीक्षा या परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा, जब तक कि प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालय संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस नई व्यवस्था से बिहार में शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।