-नरौली बाल गृह फरारी कांड: 7 दिन बाद भी 4 बच्चे लापता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के नरौली बाल गृह से 10 बच्चों के फरार होने का मामला अब रहस्य और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मुद्दा बन गया है। घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी 4 बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पुलिस और प्रशासन की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
बताया गया है कि बीते रविवार की रात बच्चों ने बाल गृह की खिड़की तोड़कर और मुख्य ग्रिल फांदकर फरार होने की योजना को अंजाम दिया था। घटना सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में 6 बच्चों को समस्तीपुर जिले के अलग-अलग इलाकों से सकुशल बरामद कर लिया गया, लेकिन बाकी 4 बच्चे अब भी लापता हैं। पुलिस को आशंका है कि बच्चे नेपाल सीमा की ओर जा सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए एसएसबी को अलर्ट कर सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के निर्देश पर बाल गृह के सुपरिटेंडेंट अविनाश डे, गृह फादर तथा 5 होमगार्ड जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिला जज ने भी बाल गृह पहुंचकर बच्चों से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
घटना के बाद बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया है। जिस ग्रिल को पार कर बच्चे फरार हुए थे, उसकी ऊंचाई बढ़ाई जा रही है और ऊपर कांटेदार तार लगाए जा रहे हैं। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10 बच्चे एक साथ कैसे फरार हो गए।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 6 बच्चों को बरामद कर लिया गया है और बाकी 4 की तलाश तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों के मिलने के बाद पूछताछ कर फरारी की असली वजह का पता लगाया जाएगा। फिलहाल यह मामला सिर्फ बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।












