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जिनकी संगठन में पूछ नहीं उनसे ‘टिकट’ की घोषणा करवा रहे नेता जी !

-उम्र व ऐलान 2024 में पड़ेगा भारी: जिनकी संगठन में पूछ नहीं उनसे ‘टिकट’ की घोषणा करवा रहे नेता जी ! ‘खास’ से कराया ‘टिकट’ कंफर्म तो दल के अंदर चर्चा हुई तेज

सम्वाददाता। पटना।

2024 की शुरूआत में ही लोकसभा के चुनाव होने हैं. सभी दलों की तरफ से चुनावी बिसात बिछाने का काम शुरू हो गया है. हर दल के नेता टिकट पाने की कोशिश में जुट गए हैं. जो सीटिंग हैं वो फिर से टिकट कंफर्म कराने की जुगत में हैं. अपने गुट के खास नेताओं की तरफ से ऐलान करा रहे कि वे ही फिर से कैंडिडेट होंगे. यह अलग बात है कि जिनके द्वारा यह ऐलान किया जा रहा वो खुद ही संगठन में किसी बड़े पद पर नहीं हैं. बता दें, नेता जी जिनसे ऐलान करा रहे वे 2020 बिहार विस चुनाव के बाद से ही किनारे लगा दिए गए हैं।

हम बात कर रहे हैं देश की सबसे बड़ी पार्टी की. बिहार में इस दल के एक बड़े नेता, जिनकी संगठन में पूछ कम हो गई है,उन्होंने अपने खास यूं कहें कि, राजनीतिक शिष्य की उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी है. साथ ही ऐलान कर दिय़ा है कि वे फिर से गांधी की ऐतिहासिक धरती वाले संसदीय क्षेत्र से दल के उम्मीदवार होंगे. इस ऐलान के बाद सबसे अलग बताने वाली पार्टी के अंदर ही चर्चा शुरू हो गई है कि जो खुद दरकिनार हैं, वे टिकट बांटते फिर रहे. एक नेता की उम्मीदवारी पर मुहर लगा रहे. वैसे उन्होंने जिनके लिए टिकट कंफर्म किया है, उनके बारे में कहा जा रहा है कि बढ़ती उम्र की वजह से पार्टी उनका इस बार पत्ता साफ कर सकती है. यानि 2024 में वे टिकट से वंचित हो सकते हैं।

2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान खुद नेताजी (भीष्म पितामह) ने अंतिम चुनाव कहकर वोटरों की सहानुभूति बटोरी थी. पीछे की बात छोड़िए 2009 से लगातार तीन टर्म चुनाव जीतने के बाद 2024 में भी चुनाव लड़ने की इच्छा हिलोरें मारने लगी है. लिहाजा नेता जी पटना से लेकर दिल्ली तक अपने लिए लॉबिंग कर रहे. संसदीय क्षेत्र में भी खूब घूम रहे. यह बताने की कोशिश में जुटे हैं कि चुनाव लड़ने में उम्र कोई बाधक नहीं. क्षेत्र में घूमकर नेतृत्व को बता रहे कि उनकी सक्रियता किसी नौजवान नेता से कम नहीं हैं. अपने संसदीय क्षेत्र में भीष्म पितामह की उपमा से नवाजे गए नेताजी इन दिनों दल के कई बड़े नेताओं का प्रोग्राम अपने संसदीय क्षेत्र में ले रहे. इसी कड़ी में दल के बड़े नेता जो दो दशक तक पार्टी के सर्वेसर्वा थे, उनको अपने संसदीय क्षेत्र में बुलाया. शहर में बड़ा कार्यक्रम कराया, उन्हें सम्मानित किया गया. सम्मान से गदगद बड़े नेता ने अपने विश्वस्त राजनीतिक सहयोगी के लिए ऐलान कर दिया कि इस धऱती से 2024 लोकसभा का चुनाव कोई दूसरा नहीं बल्कि ये ही लड़ेंगे. लगे हाथ उन्होंने मीडिया को बता दिया कि यही सत्य है. 2024 का चुनाव ये और अधिक वोटों से जीतेंगे.

बता दें, सबसे अलग बताने वाली पार्टी ने अभी किसी उम्मीदवार के नाम का सार्वजनिक ऐलान नहीं किया है. लेकिन बिहार की एक खास सीट से खास कैंडिडेट के नाम का ऐलान जिन्होंने किया, उनका वर्तमान में संगठन में कोई बड़ी पूछ नहीं है. जिनके नाम का सार्वजिनक ऐलान किया गया है उन पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करने और हराने का आरोप है. बजाप्ता जिले के तथाकथित भीष्म पितामह की पूरी कुंडली राष्ट्रीय नेतृत्व के पास है. इन सब के बीच बिहार वाले बड़े नेता के ऐलान से दल के दूसरे गुट के नेताओं के कान खड़े हो गए हैं।