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जब न्यायपालिका पक्षपात करे तो देश का पतन निश्चित है: रमन पांडेय

-जव न्यायपालिका पक्षपात करें तो देश का पतन निश्चित हैं-रमन पांडेय

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।

जव देश का न्यायपालिका ही पक्षपात करें तो उस देश का पतन होना निश्चित है। उपरोक्त बातें लोसपा के नेता हिन्दी भाषा अभियानी रमन पांडेय ने पत्रकारों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि नेपाल में कार्यपालिका, न्यायपालिका,व्यवस्थापिका पर कस(पहाड़िया)वर्ग का वर्चस्व है। उन्होंने कहा कि सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष स्व.गजेन्द्र नारायण सिंह ने अपने भाषण में कहते थे जव तक कार्यपालिका, न्यायपालिका तथा व्यवस्थापिका पर खस का प्रतिनिधित्व है। मधेशी का अधिकार मिलना असंभव है।आज उनकी बातें पूर्णतः सत्य हो रहा है।

राष्ट्रपति ने नागरिकता प्रमाणीकरण कर दिए लेकिन अदालत में रोक लगा दी । क्योंकि रोक लगाने न्यायाधीश महोदय इसी खस वर्ग से आते हैं। लेकिन उनके इस फैसले का जवाब हम मधेशी शांति पूर्वक आन्दोलन के माध्यम देंगे। सड़क से सदन तक बिरोध करेंगे। नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री विमलेन्द्र निधि तथा नेकपा एमाले के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री रघुवीर महासेठ ने नागरिकता विहीन कोनागरिकता मिलें इसके लिए वे समर्थन किए है।इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। न्यायालय ने नागरिकता रोकने से पूरे मधेश में आक्रोश है और अभी चिंगारी उठी है कुछ दिनों के बाद वे ज्वाला बनेगी जिसको रोकना असंभव होगा।