-गायघाट में भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबू विजय कुंवर को श्रद्धांजलि, नेताओं ने कहा— संगठन ने अपना भीष्म पितामह खो दिया
मुजफ्फरपुर/गायघाट(दीपक)। गायघाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के “भीष्म पितामह” के रूप में पहचान रखने वाले बाबू विजय कुंवर (विजय बाबू) के निधन के बाद उनके पैतृक गांव केवटसा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को याद किया।
बाबू विजय कुंवर का जुलाई 2026 में 78 वर्ष की आयु में उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया था। वे वर्ष 1977 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1995 में वे गायघाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी भी रहे थे।

श्रद्धांजलि सभा में मुजफ्फरपुर के सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाबू विजय कुंवर ने अपना पूरा जीवन संगठन और समाज की सेवा को समर्पित कर दिया। उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, कर्मठता और संगठन के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। नेताओं ने कहा कि उनका निधन गायघाट ही नहीं, बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों की उपस्थिति रही।












