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गर्दनीबाग का बापू टावर बना गांधी विरासत का जीवंत केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

-गर्दनीबाग का बापू टावर बना गांधी विरासत का जीवंत केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

पटना, 19 अप्रैल 2026:
राजधानी पटना के बापू टावर का आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और टावर में स्थापित विभिन्न दीर्घाओं एवं डिजिटल प्रदर्शों का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने भूतल से लेकर पांचवें तल तक बनी गैलरियों, रैम्प और प्रदर्शनी स्थलों का जायजा लेते हुए कहा कि गर्दनीबाग में निर्मित बापू टावर गांधी जी की स्थायी विरासत और उनके विचारों का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल दर्शनीय है, बल्कि नई पीढ़ी को गांधी जी के जीवन, उनके संघर्ष और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।


निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ओरियेंटेशन हॉल में ‘टर्न टेबल थिएटर शो’ देखा, जहां गांधी जी के जीवन पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जाता है। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने उन्हें म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित सामग्री की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों और समूह में आने वाले आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बापू टावर परिसर और आसपास हरियाली को और विकसित किया जाए। साथ ही, स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में बापू टावर के साथ बिहार संग्रहालय, पटना संग्रहालय और साइंस सिटी को जोड़ते हुए एक समग्र भ्रमण रूट तैयार किया जाए।
उन्होंने पर्यटन विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग के साथ समन्वय बनाकर अधिक से अधिक लोगों के भ्रमण की सुविधा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि गांधी जी के विचार और आदर्श व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सकें।
इस मौके पर ‘सत्याग्रह—बापू टावर का प्रकाशन’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की बात कही, जिससे आमजन आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
गौरतलब है कि जी+6 संरचना वाला यह भव्य टावर आयताकार और शंकुकार दो भागों में बना है। 102 फीट ऊंचा शंकुकार भवन इसकी खास पहचान है, जिसमें पांच रैम्प के जरिए गांधी जी के जीवन की विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमवार प्रदर्शित किया गया है। वहीं, आयताकार भवन में गैलरी, प्रेक्षागृह, म्यूजियम शॉप, शोध केंद्र और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को टावर की व्यवस्थाओं और योजनाओं की जानकारी दी।